
लखनऊ, 01 फरवरी (हि.स.)। केंद्र सरकार के बजट काे लेकर उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्रियाें ने समग्र, संतुलित और तेज विकास को नई दिशा देने वाला बताया है। इस बजट से उत्तर प्रदेश में औद्योगिक कॉरिडोर, लॉजिस्टिक्स हब, रेलवे और शहरी आधारभूत ढांचे के विकास को गति मिलेगी, जिससे निवेश के नए द्वार खुलेंगे।

उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने केंद्रीय बजट 2026-27 का स्वागत करते हुए कहा कि यह बजट उत्तर प्रदेश के समग्र, संतुलित और तेज विकास को नई दिशा देने वाला है। बजट में पूंजीगत व्यय में वृद्धि से उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे, औद्योगिक कॉरिडोर, लॉजिस्टिक्स हब, रेलवे और शहरी आधारभूत ढांचे के विकास को गति मिलेगी, जिससे निवेश के नए द्वार खुलेंगे। खन्ना ने बताया कि औद्योगिक प्रोत्साहन और एमएसएमई समर्थन से प्रदेश में छोटे एवं मध्यम उद्योगों को मजबूती मिलेगी, जिससे स्थानीय रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे। डिजिटल नाॅलेज ग्रिड की स्थापना की घोषणा का स्वागत करते हुये उन्होंने कहा कि युवाओं के लिये अत्यन्त लाभकारी होगा। टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिये 15 ऐतिहासिक शहरों को बढ़ावा देने तथा 10 हजार टूरिस्ट गाइड बनाये जाने के निर्णय, ए आई का हब तथा 40 हजार करोड़ इलेक्ट्रानिक सेक्टर पर खर्च किये जाने के निर्णय का स्वागत किया है।

युवाओं को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए मिलेगा नया अवसर: मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने बजट की सराहना करते हुए कहा कि यह बजट ज्ञान, नवाचार, कौशल और उद्यमिता को केंद्र में रखकर देश की युवा शक्ति को सशक्त बनाने का ठोस रोडमैप प्रस्तुत करता है। विकसित भारत के संकल्प, सबका साथ–सबका विकास की भावना और भारत को विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य की दिशा में प्रस्तुत किया गया है।
योगेन्द्र उपाध्याय ने कहा कि बजट में उच्च शिक्षा को रोजगार, उद्यम और वैश्विक प्रतिस्पर्धा से जोड़ने के लिए ‘शिक्षा से रोजगार और उद्यम तक’ एक उच्च-शक्ति वाली स्थायी समिति के गठन का प्रस्ताव दूरदर्शी कदम है। इससे भारत को सेवा क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व दिलाने की दिशा में ठोस रणनीति तैयार होगी और युवाओं को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल उपलब्ध होगा।
दिव्यांगजन सशक्तीकरण और रोजगार सृजन को नई गति देगा केंद्रीय बजट: मंत्री नरेन्द्र कश्यपपिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेन्द्र कश्यप ने केंद्रीय बजट 2026-27 को विकसित भारत के संकल्प को साकार करने वाला दूरदर्शी और जनकल्याणकारी बजट बताया है। उन्होंने बताया कि दिव्यांगजन सशक्तीकरण के लिए दिव्यांगजन कौशल योजना के माध्यम से कार्योन्मुख प्रशिक्षण और दिव्यांग सहारा योजना के अंतर्गत सहायक उपकरण उपलब्ध कराकर दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस पहल की गई है। वहीं दिव्यांग सहारा योजना के अंतर्गत सहायक उपकरण उपलब्ध कराकर दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस पहल की गई है।
शिक्षा, स्टार्टअप, शोध और रोजगार से जोड़ने वाला बजट: रजनी तिवारी
उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी ने केंद्रीय बजट 2026-27 का स्वागत करते हुए कहा कि यह बजट शिक्षा को केवल डिग्री तक सीमित न रखकर उसे कौशल, स्टार्टअप, शोध और रोजगार से जोड़ता है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय टाउनशिप, छात्राओं के छात्रावास और नई तकनीकी एवं रचनात्मक शिक्षा पहलों से विशेष रूप से ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों के विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा। यह बजट उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता, पहुंच और प्रासंगिकता को नई ऊंचाई देगा।
महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल से ग्रामीण कारीगरों को मिलेगी नई ताकतप्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम उद्योग, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान ने कहा है कि बजट में वस्त्र क्षेत्र के लिए एक व्यापक एकीकृत कार्यक्रम प्रस्तावित किया गया है, जिसके अंतर्गत राष्ट्रीय फाइबर योजना, वस्त्र विस्तार एवं रोजगार योजना, राष्ट्रीय हथकरघा एवं हस्तशिल्प कार्यक्रम, टेक्स-इको पहल तथा समर्थ 2.0 जैसी योजनाएं शामिल हैं। इसके साथ ही मेगा टेक्सटाइल पार्कों की स्थापना से वस्त्र और परिधान उद्योग में बड़े पैमाने पर निवेश और रोजगार सृजन होगा। उन्होंने कहा कि खादी, हथकरघा और हस्तशिल्प को प्रोत्साहन देने के लिए महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल की शुरुआत की जाएगी, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने के साथ-साथ पारंपरिक कारीगरों और बुनकरों को स्थायी आजीविका के अवसर प्राप्त होंगे।
हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन
