बीकानेर, 01 फ़रवरी (हि.स.)। बीकानेर के प्रिंस बिजय सिंह मेमोरियल (PBM) हॉस्पिटल के शिशु रोग विभाग में बीते निरंतर चिकित्सा शिक्षा (सीएमई) कार्यक्रम एवं भव्य कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम विभागाध्यक्ष एवं प्रोफेसर डॉ. जी. एस. तंवर के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ, जिसका मुख्य उद्देश्य बीकानेर संभाग के बच्चों को उच्च गुणवत्ता वाली, आधुनिक एवं जीवनरक्षक चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना रहा।

इस शैक्षणिक कार्यक्रम के अंतर्गत महात्मा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल, जयपुर से देश के ख्यातिप्राप्त विशेषज्ञों को आमंत्रित किया गया। इनमें डॉ. यशु सैनी (डायरेक्टर, पीडियाट्रिक नेफ्रोलॉजी), डॉ. रूप शर्मा (डायरेक्टर, पीडियाट्रिक क्रिटिकल केयर) तथा डॉ. अजय गोयनका (पीडियाट्रिक न्यूरोलॉजिस्ट एवं एपिलेप्टोलॉजिस्ट) शामिल रहे, जिन्होंने अपने-अपने विषयों पर व्याख्यान एवं केस-आधारित चर्चाएँ प्रस्तुत कीं।

अपने संबोधन में डॉ. जी. एस. तंवर ने बताया कि बाल गहन चिकित्सा इकाई (PICU) में भर्ती बच्चों में किडनी रोग गंभीर बीमारी एवं मृत्यु का एक प्रमुख कारण है, जिसके लिए शीघ्र पहचान और त्वरित उपचार अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि कई गंभीर परिस्थितियों में पेरिटोनियल डायलिसिस अन्य जीवनरक्षक उपचारों के साथ अनिवार्य हो जाती है। इसी उद्देश्य से यह कार्यशाला आयोजित की गई, ताकि चिकित्सक एवं रेजिडेंट डॉक्टर इन जटिल स्थितियों का व्यावहारिक एवं प्रभावी प्रबंधन कर सकें।
कार्यक्रम के अंतर्गत POCUS (पॉइंट-ऑफ-केयर अल्ट्रासाउंड) आधारित पीडियाट्रिक क्रिटिकल केयर मूल्यांकन पर विशेष कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें डॉ. रूप शर्मा ने गंभीर रूप से बीमार बच्चों में त्वरित निर्णय लेने हेतु POCUS की उपयोगिता का जीवंत एवं व्यावहारिक प्रदर्शन किया। इसके साथ ही दवा से नियंत्रित न होने वाली मिर्गी (Refractory Epilepsy) के मामलों में एपिलेप्सी सर्जरी की बढ़ती भूमिका पर डॉ. अजय गोयनका द्वारा विस्तृत जानकारी दी गई, जिससे बीकानेर के शिशु रोग विशेषज्ञों को इस उन्नत उपचार पद्धति के प्रति जागरूक किया जा सके।
इस अवसर पर बीकानेर पीडियाट्रिक सोसाइटी एवं महात्मा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल, जयपुर के संयुक्त तत्वावधान में एक विशेष अकादमिक सत्र का भी आयोजन किया गया। इस भव्य सत्र में सम्मानित मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. पी. सी. खत्री, डॉ. सी. के. चाहर, वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. महेश शर्मा तथा डॉ. रेणु अग्रवाल की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. पी. सी. खत्री ने विभागाध्यक्ष डॉ. जी. एस. तंवर एवं उनकी पूरी टीम को शिशु हॉस्पिटल में मरीजों हेतु दवाइयों, जांच सुविधाओं, सुदृढ़ नर्सिंग केयर तथा अत्याधुनिक मशीनों से सुसज्जित गहन चिकित्सा इकाइयों के सुचारु विकास हेतु हार्दिक शुभकामनाएँ दीं और उनके प्रयासों की मुक्त कंठ से सराहना की।
इस सीएमई एवं कार्यशाला में डॉ. श्याम अग्रवाल, डॉ. रेणु अग्रवाल, डॉ. गौरव गोम्बर, डॉ. मुकेश बेनीवाल, डॉ. सारिका स्वामी, डॉ. पवन कुमार डारा, डॉ. प्रवीण चतुर्वेदी, डॉ. गौरव पारीक, डॉ. धीरज शर्मा, डॉ. संतोष चांडक, डॉ. हिमांशु गुप्ता, डॉ. जिया-उल-हक सहित बीकानेर एवं आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में शिशु रोग विशेषज्ञों एवं मेडिकल छात्रों ने भाग लिया।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजीव
