हरिद्वार, 01 फ़रवरी (हि.स.)। बीएचईएल स्थित सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में रविवार को आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन में स्वामी विवेकानंद के विचारों और सनातन संस्कृति की महत्ता पर जोर दिया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ स्वामी दयामूर्त्यानंद, विभाग संपर्क प्रमुख रोहिताश कुंवर और विद्यालय के प्रधानाचार्य लोकेंद्र दत्त अंथवाल द्वारा मां सरस्वती के सम्मुख दीप प्रज्वलन एवं गुरु रविदास को नमन कर किया गया। इस अवसर पर मुख्य वक्ता संत स्वामी डा. दयामूर्त्यानंद ने वेदों की महत्ता बताते हुए विवेकानंद स्वदेश मंत्र अपनाने का आह्वान किया।

विशिष्ट अतिथि नीति गुप्ता ने अपने उद्बोधन में जीवन में पांच महत्वपूर्ण परिवर्तन लाने पर बल दिया। वहीं विशिष्ट अतिथि विभाग संपर्क प्रमुख रोहिताश कुंवर ने कहा कि आज हिंदू समाज अनेक चुनौतियों का सामना कर रहा है, लेकिन सनातन संस्कृति और संगठित प्रयासों के माध्यम से इन चुनौतियों पर विजय पाई जा सकती है। उन्होंने संघ की शाखाओं की महत्ता बताते हुए युवाओं और बालकों से नियमित शाखा में सहभागिता कर राष्ट्रभक्ति, अनुशासन और स्वदेशी भावना को मजबूत करने का आह्वान किया।
विद्यालय की छात्राओं व स्थानीय बच्चों द्वारा लोक नृत्य, रासलीला, हनुमान चालीसा पाठ और भारत माता की आरती की मनमोहक प्रस्तुतियां दी गईं।
इस अवसर पर विद्यालय की छात्राओं ने उत्तराखंड की लोक संस्कृति पर आधारित आकर्षक सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों का मन मोह लिया। वहीं रानीपुर बस्ती के बच्चों ने रासलीला, हनुमान चालीसा पाठ, नाथ शंभु भोले नृत्य और भारत माता की आरती जैसी मनमोहक प्रस्तुतियां देकर वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
शिशु मंदिर के प्रधानाचार्य कमल रावत ने सभी अतिथियों, कलाकारों एवं उपस्थित जनसमूह का हार्दिक स्वागत एवं आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन शिव बस्ती संयोजक बृजेश शर्मा ने किया।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला
