रांची, 01फरवरी (हि.स.)। आयकर विभाग की अनुसंधान शाखा की चौथे दिन रविवार को भी बाबा ग्रुप से जुड़े लोगों के ठिकानों पर छापेमारी जारी है।

अधिकारिक सूत्रों ने बताया कि आयकर विभाग ने बाबा ग्रुप से जुड़े लोगों के ठिकानों से 10 करोड़ रुपये के जेवरात जब्त किया है। जब्त की गयी नकद राशि भी बढ़ कर पांच करोड़ रुपये हो गई है। इसके अलावा बाबा ग्रुप की ओर से अपनी संपत्तियों की बतायी गयी कीमत और वास्तविक कीमत में अब तक 25 करोड़ रुपये का अंतर पाया गया है। बाबा ग्रुप की संपत्तियों के मूल्यांकन का काम अभी जारी है।

जानकारी के मुताबिक आयकर विभाग ने छापेमारी के दौरान मिली नकद राशि के स्रोतों की जांच के बाद 4.50 करोड़ रुपये छापेमारी के तीसरे दिन जब्त किया था। छापामारी के चौथे दिन और 50 लाख रुपये जब्त किये गये। इससे जब्त नकदी बढ़ कर पांच करोड़ रुपये हो गयी है।
छापेमारी के दौरान मिले जेवरात के मूल्यांकन का काम समाप्त होने के बाद संबंधित पक्ष से पूछताछ, जांच पड़ताल करने के बाद 10 करोड़ रुपये के जेवरात जब्त कर लिये गये हैं।
आयकर विभाग ने बाबा ग्रुप की 10 संपत्तियों के मूल्यांकन का काम शुरू कराया था, जो अब तक जारी है। अब तक के मूल्यांकन में आयकर विभाग को पता चला है कि बाबा ग्रुप द्वारा बुक्स ऑफ अकाउंट में अपनी संपत्ति की कीमत कम से कम दिखायी गयी है।
सूत्रों के अनुसार अब तक की जांच के दौरान बाबा ग्रुप की संपत्तियों की वास्तविक कीमत और बाबा ग्रुप की ओर से कागज में दिखायी गयी कीमत में पांच गुना का अंतर है। आयकर विभाग की ओर से बाबा ग्रुप की 10 संपत्तियों के मूल्यांकन का काम किया जा रहा है। अब तक के मूल्यांकन के दौरान बाबा ग्रुप की ओर से बतायी गयी संपत्तियों और उसकी वास्तविक क़ीमत में 25 करोड़ रुपये का अंतर पाया गया है। फॉरेंसिंक अकाउंटिंग सिस्टम से पकड़ में आये खरीद बिक्री और लेनदेन के ब्योरे की जांच भी अभी जारी है।
उल्लेखनीय है कि आयकर विभाग की अनुसंधान शाखा ने गत 29 जनवरी को बाबा एग्रो, बाबा फुड प्रोसेसिंग के अलावा चावल के आढ़तिया (कमीशन एजेंट) के कुल 45 ठिकानों पर छापेमारी शुरू की थी। वर्ष 2026 में आयकर विभाग की और से की जाने वाली यह पहली छापेमारी है। यह कार्रवाई व्यापारियों की ओर से अपनी वास्तविक आमदनी छिपा कर टैक्स चोरी करने के मामले में की जा रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे
