बांदा, 01 फ़रवरी (हि.स.)। चिकित्सा के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश का बांदा जनपद निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर है। कुछ वर्ष पहले तक जहां बांदा को केवल एक रेफर सेंटर माना जाता था और गंभीर रोगों के इलाज के लिए मरीजों को बड़े महानगरों की ओर रुख करना पड़ता था, वहीं अब आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के चलते यहीं पर जटिल उपचार संभव हो पा रहे हैं।

इसी क्रम में बांदा की चिकित्सा व्यवस्था ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। जिले में दूरबीन (एंडोस्कोपिक) पद्धति से पहली स्पाइन सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया है, जिसने बांदा को चिकित्सा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है।

जानकारी के अनुसार, बांदा के महबरा गांव की निवासी 65 वर्षीय बुजुर्ग महिला नसीमुन पत्नी जुबैर की रीढ़ की हड्डी टूट गई थी। अधिक उम्र और अत्यधिक वजन के कारण पारंपरिक तरीके से चीरा लगाकर ऑपरेशन करना जोखिम भरा था। ऐसे में श्री क्लिनिक बांदा के न्यूरो सर्जन डॉ. अरविंद झा ने आधुनिक तकनीक का प्रयोग करते हुए महाराणा प्रताप स्थित एक निजी हॉस्पिटल में महिला को भर्ती कर दूरबीन पद्धति से सफल सर्जरी की।
सर्जरी के बाद मरीज की हालत में उल्लेखनीय सुधार हुआ है और अब वह दोबारा अपने पैरों पर खड़े होने में सक्षम हो गई है। चिकित्सकों के अनुसार, यह बांदा जनपद की पहली दूरबीन पद्धति से की गई स्पाइन सर्जरी है।
डॉ. अरविंद झा ने बताया कि इस सर्जरी में लगभग एक घंटे का समय लगा। ऑपरेशन टीम में एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. सुशील पटेल ने मरीज को बेहोशी दी, जबकि अस्पताल के अन्य चिकित्सा व पैरामेडिकल स्टाफ ने भी महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया।
खर्च के बारे में जानकारी देते हुए डॉ. झा ने बताया कि यदि यही ऑपरेशन किसी बड़े शहर में कराया जाता तो इसका खर्च तीन से चार लाख रुपये, और किसी बड़े कॉरपोरेट अस्पताल में सात से आठ लाख रुपये तक हो सकता था। वहीं बांदा में यह सर्जरी दवाइयों और अस्पताल के समस्त खर्च सहित मात्र डेढ़ लाख रुपये में सफलतापूर्वक संपन्न हो गई।
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हिन्दुस्थान समाचार / अनिल सिंह
