नई दिल्ली, 01 फरवरी (हि.स.) केंद्र सरकार ने इस बजट में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने और छोटे उद्योगों की क्षमता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को लोकसभा में अपने बजट भाषण में 10 हजार करोड़ रुपये के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएई) ग्रोथ फंड बनाने के साथ-साथ कपड़ा क्षेत्र के कायाकल्प के लिए ‘टेक्सटाइल पार्क स्थापित’ करने और ‘महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल’ जैसी कई नई योजनाओं की घोषणा की।

वित्त मंत्री ने कहा कि गांधीजी के आत्मनिर्भर गांव के सपने को साकार करने के उद्देश्य से शुरू की गई महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल का लक्ष्य खादी, हथकरघा और हस्तशिल्प को बढ़ावा देना है। इसके अलावा ग्रामीण युवाओं को रोजगार देना और स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाना है। यह पहल ‘एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) को और अधिक सशक्त बनाएगी।
वित्त मंत्री ने वस्त्र उद्योग को आधुनिक और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए सात प्रमुख एकीकृत कार्यक्रम की घोषणाएं कीं। इनमें खादी, हथकरघा और हस्तशिल्पों को बढ़ावा देने के लिए महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल का शुभारंभ, वस्त्र कौशल इको-सिस्टम को बढ़ावा और आधुनिकता के लिए समर्थ 2.0 मिशन, प्राकृतिक, मानव निर्मित और न्यू ऐज फाइबर में आत्मनिर्भरता के लिए राष्ट्रीय फाइबर योजना हैं। इसके अलावा परम्परागत टेक्सटाइल क्लस्टर को आधुनिक बनाने के लिए वस्त्र उद्योगों का विस्तार और रोजगार योजना, जारी योजनाओं के एकीकरण और बढ़ावा के लिए राष्ट्रीय हथकरघा और हस्तशिल्प कार्यक्रम, विश्व स्तरीय और टिकाउ वस्त्रों और परिधानों के लिए टेक्स-इको पहल और चुनौती के स्तर पर मेगा टेक्स्टाइल पार्कों की स्थापना करने की घोषणा भी शामिल है।
—————
हिन्दुस्थान समाचार / श्रद्धा द्विवेदी
