—जिलाधिकारी ने मामले को लिया संज्ञान,शहीद की पत्नी को अनुमन्य एकमुश्त धनराशि का हुआ भुगतान

वाराणसी,01 फरवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में शौर्य चक्र से सम्मानित शहीद महेन्द्र प्रताप सिंह की पत्नी महमूरगंज शिवपुरम कॉलोनी निवासिनी उमा सिंह को शौर्य चक्र की अनुमन्य राशि के लिए दौड़ाने वाले कर्मचारी दंडित होंगे। जिलाधिकारी सत्येन्द्र कुमार ने पूरे मामले को संज्ञान लिया है। शनिवार शाम जिलाधिकारी के निर्देश पर शहीद की पत्नी को सरकार द्वारा अनुमन्य एकमुश्त धनराशि 65 हजार रूपये का जहां भुगतान किया गया। वहीं, कलेक्ट्रेट के दोषी कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई भी होगी। इस पूरे प्रकरण की जांच ए०डी०एम० (प्रोटोकॉल)करेंगे।

बताते चले महेन्द्र प्रताप सिंह सेना के सीमा सड़क संगठन (बीआओ)में जवान थे। उनकी तैनाती अफगानिस्तान में थी। वे 12 अप्रैल 2008 में आतंकवादियों के आत्मघाती हमले में शहीद हो गए थे। 15 अगस्त 2008 को तत्कालीन राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने शहीद जवान को शौर्य चक्र से सम्मानित किया था। प्रदेश सरकार ने भी शहीद के आश्रित को हर वर्ष शौर्य चक्र की अनुमन्य राशि देने की घोषणा की थी। शहीद की पत्नी उमासिंह का आरोप है कि उन्होंने हर वर्ष की तरह 2025 में भी शौर्य चक्र राशि के लिए जुलाई माह में पति के मृत्यु प्रमाण पत्र के साथ अन्य आवश्यक दस्तावेज कलेक्ट्रेट में जमा किया था। पटल प्रभारी और अन्य बाबू पिछले चार माह से फाइल गायब होने का बहाना बनाकर उन्हें अनुमन्य राशि के लिए दौड़ा रहे थे।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी
