जिला टास्क फोर्स बैठक में सख्ती, श्रमिकों के पंजीकरण और योजनाओं के लाभ पर दिया जोर

झांसी, 16 अप्रैल (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के झांसी में विकास भवन सभागार में आयोजित जिला टास्क फोर्स एवं बाल श्रम उन्मूलन समिति की बैठक में मुख्य विकास अधिकारी जुनैद अहमद ने जनपद को वर्ष 2027 तक बाल श्रम मुक्त बनाने का लक्ष्य तय करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया। कहा कि बाल श्रम एक सामाजिक कुरीति है, जिसे समाप्त करना हम सभी की जिम्मेदारी है।
सीडीओ ने विभिन्न विभागों को निर्देशित किया कि सर्विस प्रोवाइडर के माध्यम से कार्यरत श्रमिकों को समय से वेतन व अन्य सुविधाएं मिलें, इसमें लापरवाही होने पर संबंधित विभागाध्यक्ष जिम्मेदार होंगे।
बैठक में उप श्रम आयुक्त किरण मिश्रा ने जानकारी दी कि पहले चरण में शहर के कई प्रमुख बाजार क्षेत्रों को बाल श्रम मुक्त घोषित किया जा चुका है।
बैठक में प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन एवं लघु व्यापारी मानधन योजनाओं का भी प्रचार-प्रसार करने पर जोर दिया गया। अधिकारियों ने श्रमिकों व छोटे व्यापारियों से अधिक से अधिक पंजीकरण कर योजनाओं का लाभ लेने की अपील की।
बैठक में एसीएमओ डॉ रमाकांत सोनी, डीपीओ दिनेश राजपूत, श्रम प्रवर्तन अधिकारी अरुण कुमार तिवारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, व्यापारी संगठन और श्रमिक प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
ब्लॉक स्तर पर चलेगा बाल श्रम मुक्त अभियान
बैठक में 12 जून 2026 (अंतरराष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस) पर ब्लॉक स्तर पर विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया गया। ग्राम स्तर पर बाल संरक्षण समितियों के गठन और उनकी सक्रियता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि ड्रॉपआउट बच्चों का पुनः नामांकन कराया जा सके।
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हिन्दुस्थान समाचार / महेश पटैरिया
