-बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए नगर निगम के सदन ने दी वित्तीय वर्ष 2026-27 में अनुमानित बजट को हरी झंडी

-मनोनीत दस पार्षदों ने पद एवं गोपनीयता की ली शपथ
वाराणसी, 22 मार्च (हि.स.)। उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी वाराणसी (काशी ) की गलियों और सड़कों को बेतरतीब तरीके से खुदाई को नगर निगम प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। अब पीडब्ल्यूडी, गेल, बिजली, केबल जैसे अन्य कोई भी विभाग बगैर अनुमति सड़क खोदेंगे, तो उनके खिलाफ सीधे मुकदमा (एफआईआर) दर्ज होगा।
महापौर अशोक कुमार तिवारी की अध्यक्षता में रविवार को मैदागिन स्थित टाउनहाल भवन में आयोजित मिनी सदन की बैठक में यह निर्णय लिया गया। साथ ही वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 2262.42 करोड़ रुपये के अनुमानित बजट को भी हरी झंडी मिल गई, जो शहर के बुनियादी ढांचे को नई ऊंचाई देने वाला है। इसमें नगर निगम 1949.40 करोड़ तथा जलकल विभाग का 313.02 करोड़ रुपये का अनुमानित बजट शामिल है।
शहर की सूरत बदलने और जनता को बेहतर सुविधाएं देने के लिए इस बार कई प्रमुख मदों में बजट की राशि को काफी बढ़ाया गया है। विकास कार्यों की गति तेज करने के लिए निगम ने राजस्व और विकास के खर्चों में जो बढ़ोतरी की है। इसका सीधा असर आम नागरिक के जीवन पर पड़ेगा। इस बजट में आम नागरिकों से जुड़ी सुविधाओं के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। शहर को कचरा मुक्त बनाने के लिए डोर-टू-डोर कूड़ा उठान और यूजर चार्जेस मद में 66.17 करोड़ रुपये का लक्ष्य रखा गया है, ताकि सफाई व्यवस्था में आधुनिक मशीनरी का उपयोग बढ़ाया जा सके। शुद्ध पेयजल मुहैया कराने के लिए जलकल के मद में 313.02 करोड़ रुपये आवंटित किया गया है। अंधेरी गलियों को रोशन करने के लिए विद्युत एवं ऊर्जा मद में 21 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
बजट सत्र के दौरान सदन का माहौल काफी सकारात्मक रहा। उपसभापति नरसिंह दास ने जैसे ही बजट प्रस्ताव पेश किया, पार्षदों ने चर्चा शुरू की। पार्षद सुरेश चौरसिया, सिंधु सोनकर, इंद्रेश कुमार और राजेश यादव चल्लू सहित अन्य सदस्यों ने शहर की समस्याओं को सामने रखा। चर्चा के दौरान कुओं की सफाई, पार्कों के रखरखाव और कूड़ा उठाने वाले कर्मचारियों के समय से भुगतान जैसे विषयों पर पार्षदों ने अपने सुझाव दिए। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने सभी पार्षदों की बातों को ध्यान से सुना और सदन के पटल पर बिंदुवार स्पष्टीकरण देते हुए आश्वस्त किया कि शहर के विकास में किसी भी वार्ड के साथ भेदभाव नहीं होगा।
—घर-घर पहुंचेगा शुद्ध पानी, सीवर नेटवर्क होगा और मजबूत
शहर की प्यास बुझाने और सीवेज की समस्या से निजात दिलाने के लिए जलकल विभाग ने इस वर्ष अपने बजट में विशेष प्रावधान किए हैं। जलकल के कुल बजट में से जलकल विभाग के लिए 313.02 करोड रुपये की धनराशि आवंटित की गई है। शहर के पुराने इलाकों में सीवर चोक होने की समस्या को देखते हुए इस बार संचालन एवं रखरखाव मद में भारी बजट रखा गया है। साथ ही अमृत योजना के तहत बिछाई गई नई सीवर लाइनों के मेंटेनेंस के लिए भी फंड बढ़ाया गया है।
—मनोनीत पार्षदों का शपथ ग्रहण
बैठक की शुरुआत सुबह 11:15 बजे हुई। महापौर अशोक कुमार तिवारी ने सबसे पहले शासन द्वारा नामित दास पार्षदों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। शपथ लेने वालों में कमलेश पाल, रामशंकर सिंह पटेल, संजीव चौरसिया, संतोष शोलापुरकर, मनोज यादव, कृष्ण कुमार, अंकुर मेहरोत्रा, मुन्ना सरोज, सत्यनारायण साहनी और सुधीर कुमार त्रिपाठी शामिल थे। शपथ ग्रहण के बाद’वंदे मातरम् के साथ सदन की कार्यवाही शुरू हुई और अंत में राष्ट्रगान के साथ समापन हुआ। इस अवसर पर एमएलसी धर्मेंद्र राय, अपर नगर आयुक्त सविता यादव, संजय प्रताप सिंह, जलकल जीएम अनूप सिंह आदि भी मौजूद रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी
