बरेली, 17 मार्च (हि.स.) । प्रारंभिक शिक्षा को सुदृढ़ करने के लिए प्रदेश सरकार 25 मार्च को बड़े स्तर पर ‘नवआरंभ उत्सव’ आयोजित करेगी। इसके तहत बरेली समेत पूरे प्रदेश की 53,074 बालवाटिकाओं में एक साथ कार्यक्रम होंगे। उद्देश्य तीन से छह वर्ष तक के बच्चों को स्कूल से जोड़ना और नामांकन बढ़ाना है।

मंडलायुक्त भूपेंद्र एस चौधरी ने बताया कि बरेली मंडल में तैयारियां तेज कर दी गई हैं। बरेली में 1007, शाहजहांपुर में 1099, बदायूं में 758 और पीलीभीत में 531 केंद्रों पर आयोजन होंगे। कार्यक्रम के जरिए खासतौर पर 3 से 4 वर्ष के बच्चों का बालवाटिका में प्रवेश सुनिश्चित किया जाएगा, जबकि छह वर्ष पूर्ण कर चुके बच्चों का कक्षा-1 में नामांकन कराया जाएगा।
उत्सव के दौरान विद्यालयों में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। बच्चे गीत, नृत्य और अन्य गतिविधियों की प्रस्तुति देंगे। साथ ही अभिभावकों को बालवाटिका की व्यवस्थाओं—लर्निंग कॉर्नर, खेल सामग्री और शिक्षण पद्धति—का प्रदर्शन कराया जाएगा, ताकि वे स्कूल के माहौल को समझ सकें।
यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए की जा रही है। सरकार ने वर्ष 2030 तक सभी बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा से जोड़ने का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए आंगनबाड़ी केंद्रों और विद्यालयों के बीच समन्वय बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
कार्यक्रम के लिए सरकार ने 1592.22 लाख रुपये का बजट स्वीकृत किया है। प्रत्येक विद्यालय को करीब 3000 रुपये दिए जाएंगे, जिससे आयोजन से जुड़ी आवश्यक व्यवस्थाएं की जा सकें। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी, डायट, नोडल शिक्षक और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, निगरानी प्रेरणा पोर्टल और विद्या समीक्षा केंद्र के माध्यम से की जाएगी।
हिन्दुस्थान समाचार / देश दीपक गंगवार
