
छिंदवाड़ा, 19 मार्च (हि.स.)। मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा शहर के छोटी बाजार क्षेत्र में स्थित श्री बड़ी माता मंदिर आस्था, परंपरा और संस्कृति का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। सदियों पुराना यह मंदिर न केवल धार्मिक पहचान का प्रतीक है, बल्कि शहर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को भी दर्शाता है। नवरात्रि के दौरान यहां का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो जाता है और माता के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठता है।

करीब 500 वर्षों के इतिहास से जुड़ा यह मंदिर कई मान्यताओं का केंद्र है। प्रचलित कथाओं के अनुसार, प्राचीन समय में यह स्थान घने जंगलों से घिरा हुआ था, जहां माता की मूर्ति स्वयंभू शिला के रूप में प्रकट हुई थी। धीरे-धीरे यहां ग्राम देवी के रूप में पूजा प्रारंभ हुई और समय के साथ मंदिर का भव्य स्वरूप विकसित होता गया। वर्तमान में मंदिर परिसर में मां दुर्गा के साथ सिंहवाहिनी, अष्टभुजा और लक्ष्मी माता के विग्रह स्थापित हैं, जिससे यह शक्ति उपासना का प्रमुख स्थल बन गया है।
नवरात्रि के पावन अवसर पर मंदिर की महत्ता और बढ़ जाती है। दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालु ज्योति कलश स्थापना, अभिषेक, पूजन, अर्चन और पाठ जैसे धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेते हैं। प्रतिदिन होने वाली आरती में शामिल होकर भक्त आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव करते हैं, वहीं मंदिर परिसर में उमड़ने वाली भीड़ श्रद्धा की गहराई को दर्शाती है।
इधर, मंदिर का भव्य नवनिर्माण कार्य भी तेजी से जारी है। लगभग 15 करोड़ रुपये की लागत से चल रहे इस निर्माण में पिंक स्टोन का उपयोग किया जा रहा है, जिससे मंदिर का स्वरूप और आकर्षक व दिव्य बन रहा है। इस कार्य का मार्गदर्शन प्रसिद्ध वास्तुकार चंद्रकांत बी. सोमपुरा कर रहे हैं। उनके निर्देशन में निर्माण कार्य का करीब 60 प्रतिशत हिस्सा पूरा हो चुका है और शेष कार्य को शीघ्र पूर्ण करने के प्रयास जारी हैं।
आगामी चैत्र नवरात्र 2026 के अवसर पर मंदिर में विविध धार्मिक आयोजन विधि-विधानपूर्वक संपन्न किए जाएंगे। इनमें ज्योति कलश स्थापना, अभिषेक, पूजन, अर्चन और पाठ प्रमुख रहेंगे, जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भागीदारी की संभावना है।
श्री बड़ी माता मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल ही नहीं, बल्कि श्रद्धा, विश्वास और जनभागीदारी का जीवंत प्रतीक है। यही कारण है कि श्रद्धालु इस मंदिर से गहरा भावनात्मक जुड़ाव रखते हैं और इसके विकास में तन, मन और धन से सहयोग कर रहे हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / sandeep chowhan
