मुंबई,06 अप्रैल (हि. स.) । ठाणे जिले में भारत की जनगणना 2027 का कार्य शुरू हो गया है और जिला प्रशासन ने इसके लिए कमर कस ली है। देश के इतिहास में पहली बार, यह जनगणना ठाणे जिले में जिलाधिकारी डॉ. श्री कृष्ण पांचाल के गाइडेंस में पूरी तरह से डिजिटल तरीके से की जाएगी।

इस मुहिम की तैयारियों के तहत, फील्ड ट्रेनर्स की ट्रेनिंग का उद्घाटन आज, 6 अप्रैल 2026 को जिला कलेक्टर ऑफिस की पांचवीं मंजिल पर कमेटी हॉल में किया गया। तहसीलदार (जनरल) सचिन चौधरी की मौजूदगी में शुरू हुई इस ट्रेनिंग क्लास के ज़रिए जिले की टेक्निकल मैनपावर को तैयार किया जा रहा है। यह पूरी प्लानिंग डिप्टी डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर (सामान्य प्रशासन) रूपाली भालके की सीधी देखरेख में की गई है, और इसका मकसद ट्रेनिंग के ज़रिए हर एन्यूमरेटर तक सही जानकारी पहुंचाना है। प्रशासन की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक, इस ट्रेनिंग के लिए 32-32 लोगों के दो अलग-अलग बैच तैयार किए गए हैं और कुल 64 फील्ड ट्रेनर्स को ट्रेनिंग दी जा रही है। यह ट्रेनिंग 11 अप्रैल, 2026 तक चलेगी और मास्टर ट्रेनर्स कल्याण के तहसीलदार (नॉन-एग्रीकल्चरल) विनोद भामरे और तहसीलदार ( म्युनिसिपल एरिया) स्वाति घोंगड़े एक्सपर्ट गाइडेंस दे रहे हैं।यह ट्रेनिंग मुख्य रूप से सेंसस-2027 के पहले फेज, हाउसहोल्ड लिस्ट और हाउसहोल्ड सेंसस पर फोकस है। डिजिटल फॉर्मेट होने की वजह से इस बार एन्यूमरेटर्स को पेपर एप्लीकेशन के बजाय सीएमएमएस पोर्टल और एचएलबीसी ऐप का इस्तेमाल करना होगा। इन 64 क्षेत्र प्रशिक्षकों को इस ऐप की टेक्निकल जानकारी, सेंसस एक्ट और रूल्स, और डेटा कलेक्शन के प्रोसेस पर हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग दी जा रही है। ये ट्रेंड ट्रेनर 27 अप्रैल से 8 मई 2026 तक प्रिंसिपल सेंसस ऑफिसर और जिलाधिकारी, ठाणे के अधीनस्थ रहकर नौ चार्ज में करीब 4,000 एन्यूमरेटर और सुपरवाइजर को तैयार करेंगे।
हाउस लिस्ट और हाउस सेंसस का पहला फेज 16 मई 2026 से 14 जून 2026 तक फील्ड लेवल पर लागू किया जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / रवीन्द्र शर्मा
