-वर्ष 1996 में पहली बार प्रकाश सिंह बादल ने किया था शक्ति प्रदर्शन
-अकाली दल, कांग्रेस व आप को यहीं से मिली थी सत्ता की सीढ़ी
चंडीगढ़, 14 मार्च (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी ने पंजाब के जिला मोगा के गांव किल्ली चाहलां में पहली रैली करके पंजाब में चुनावी शंखनाद का ऐलान कर दिया। इस गांव में हालही में आम आदमी पार्टी भी रैली कर चुकी हैं। इस गांव में देश के दिग्गज पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी समेत कई नेता चुनावी रैलियों को संबोधित कर चुके हैं।
अकाली दल को वर्ष 1996 में भाजपा गठबंधन के साथ सत्ता की सीढ़ी इसी गांव से मिली थी। तब से लेकर हर पार्टी चुनाव से एक साल पहले ही यहां रैली करती है। माझा-मालवा और दोआबा के संगम मोगा में जुटने वाली भीड़ से पार्टियां अपनी हार-जीत का अनुमान लगाती हैं।
किल्ली चाहलां से चुनावी रैलियों की शुरुआत करने वाले अकाली दल ने अभी तक यहां से किसी रैली का ऐलान नहीं किया है। अकाली दल ने यहां से 1997, 2007 और 2012 के चुनावों में सीएम की कुर्सी पाई। पहली बार भाजपा ने मोगा में अपने स्तर पर रैली का आयोजन किया। इस रैली में उमड़ी भीड़ को देखकर भाजपा नेता भी आश्चर्यचकित नजर आए। मोगा जिले में होने वाली किसी भी पार्टी की रैली सीधे 18 सीटों तक प्रभाव पहुंचाती है। इसमें लुधियाना जिले की 14 और मोगा जिले की 4 सीटें शामिल हैं।
साल 1996 में शिरोमणि अकाली दल ने इस गांव से अपनी कट्टर छवि छोडक़र डेमोक्रेटिक रुख का परिचय दिया। इससे 1997 में पार्टी ने 117 में से 75 सीटें जीतीं। इसके बाद 2007 और 2012 के चुनावों में सत्ता बरकरार रखी।
कांग्रेस ने 2019 लोकसभा चुनाव के लिए मिशन 13 भी यहीं से शुरू किया था। इसमें भी पार्टी ने पंजाब की 13 में से 8 सीटें जीतकर मोदी की लहर के बावजूद पकड़ दिखाई। 2020 में 3 खेती कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर राहुल गांधी ने मोगा के बधनी कलां से खेती बचाओ यात्रा शुरु की थी। 2022 के चुनावों से पहले अरविंद केजरीवाल ने नवंबर 2021 में मोगा से ही महिलाओं के लिए एक हजार रुपए महीना देने की अपनी तीसरी गारंटी दी थी। इसका असर सीधा महिलाओं पर हुआ। आप ने पंजाब में 117 में 92 सीटें जीत सबको हैरान कर दिया।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा
