मंडी, 11 मार्च (हि.स.)। पूर्व मुख्यमंत्री एवं वर्तमान नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने बुधवार को थुनाग में आयोजित पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान-2026 के अंतर्गत थुनाग मंडल की दो दिवसीय कार्यशाला के समापन सत्र में कार्यकर्ताओं को ऊर्जा से भरते हुए संगठन की मजबूती, सिद्धांतों और विचारधारा पर विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान किया। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रम केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं हैं, बल्कि ये कार्यकर्ताओं को समाज के प्रति उनकी नैतिक और राजनैतिक जिम्मेदारियों को अधिक प्रभावी ढंग से निभाने के लिए प्रेरित करने का एक सशक्त माध्यम हैं, जिससे संगठन की नींव और अधिक सुदृढ़ होती है। जयराम ठाकुर ने कार्यकर्ताओं के साथ जनसेवा के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी के विचार को समाज के अंतिम व्यक्ति तक ले जाना ही हमारा मुख्य लक्ष्य होना चाहिए और इसके लिए केंद्र सरकार की ऐतिहासिक योजनाओं के बारे में जनता को जागरूक करना अनिवार्य है।

राज्य की वर्तमान कांग्रेस सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए उन्होंने तंज कसा कि अब इस सरकार की विफलता की चर्चा करना भी गौण लगने लगा है क्योंकि प्रदेश के हर चौराहे और गली में लोग स्वयं इनकी कार्यप्रणाली और ‘नालायकी’ की बातें कर रहे हैं, जो इस बात का प्रमाण है कि जनता शासन से पूरी तरह त्रस्त हो चुकी है।
नेता प्रतिपक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दमदार और दूरदर्शी नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि पिछले 12 वर्षों में भारत की साख वैश्विक स्तर पर अभूतपूर्व रूप से बढ़ी है और केंद्र सरकार ने ऐसे साहसिक एवं ऐतिहासिक फैसले लिए हैं जिनका देश की जनता दशकों से बेसब्री से इंतजार कर रही थी।
उन्होंने विशेष रूप से जम्मू-कश्मीर से धारा 370 को हटाने, तीन तलाक जैसी कुप्रथा को समाप्त करने और अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण के सपने को साकार करने जैसे मील के पत्थरों का जिक्र किया, जो केवल मोदी सरकार की इच्छाशक्ति से ही संभव हो पाए हैं। इसके अतिरिक्त, उन्होंने गरीब कल्याण, आयुष्मान भारत और दर्जनों अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं की चर्चा करते हुए कहा कि इन कार्यक्रमों ने समाज के हर वर्ग को प्रत्यक्ष लाभ पहुँचाया है, जबकि हिमाचल की वर्तमान सरकार केवल विकास कार्यों को रोकने और पूर्ववर्ती भाजपा सरकार द्वारा जनहित में खोले गए दो हजार संस्थानों को बंद करने का काम कर रही है।
मुख्यमंत्री पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि हाल ही में नाचन दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने उन्हीं संस्थानों का उद्घाटन किया जिन्हें भाजपा सरकार ने शुरू किया था और उनके स्वयं के कार्यकाल की उपलब्धि के नाम पर मात्र आठ लाख का एक भवन है, जिसकी लागत इतनी कम है कि हमारे समय में ऐसे भवनों का शिलान्यास या उद्घाटन ग्राम प्रधान स्तर पर ही कर दिया जाता था। राजस्व घाटा अनुदान और मनरेगा को लेकर कांग्रेस द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम को खारिज करते हुए जयराम ठाकुर ने आंकड़ों के साथ स्पष्ट किया कि अर्थशास्त्री प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के दस वर्षों के कार्यकाल में हिमाचल को दो वित्त आयोगों के तहत मात्र 18,000 करोड़ रुपए की आरडीजी मिली थी, जबकि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में 2015 से 2025 के बीच प्रदेश को रिकॉर्ड 89,370 करोड़ रुपए प्राप्त हुए हैं, जो कांग्रेस के समय से 72,000 करोड़ रुपए अधिक है।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा
