
कन्नौज, (हि.स.)। पूर्वोत्तर रेलवे मजदूर यूनियन एवं एआईआरएफ के महामंत्री बसन्त कुमार चतुर्वेदी ने आज कन्नौज में अपने स्वागत समारोह में यूनियन की मांगों के साथ रेल मंत्री और भारत सरकार का ध्यान अपनी ओर खींचा। साथ ही ऐलान किया कि सरकार और मजदूर संगठनों के बीच कई बार वार्ता हुई किन्तु कोई सकारात्मक नतीजा नहीं निकला है। इसलिए अब रेलकर्मी चक्का जाम कर सरकार को अपनी ताकत का अहसास कराएंगे, तभी रेलकर्मियों का कल्याण होगा।

महामंत्री ने कहा कि बीते वर्षो में सरकार ने रेल का इन्फ्रास्ट्रक्चर तो बढ़ाया किन्तु कार्मिक उत्तरोत्तर कम होते गए। डेढ़ लाख से अधिक पद रिक्त पड़े है, किंतु सरकार उस दिशा में सोच ही नही रही। कर्मचारियों पर बढ़ता काम का बोझ, उनकी खराब होती आर्थिक स्थिति सरकार की अदूरदर्शी नीतियों का दुखद परिणाम है। जाहिर है देश की जीवन रेखा समझी जाने वाली भारतीय रेल को उसके कार्मिको के जरिये ही पटरी पर लाया जा सकता है और उसके लिए मज़दूर यूनियन को आंदोलन की राह पकड़नी ही पड़ेगी।
इसके पहले महामंत्री बनने के बाद चतुर्वेदी के प्रथम आगमन पर एन.ई. रेलवे मजदूर यूनियन, शाखा के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने फूल मालाओं से स्वागत किया। इस दाैरान कन्नौज से खुमान सिंह अध्यक्ष, निमय कुमार शाखामंत्री, रोहित यादव, गिरीश कुमार, आदित्य कुमार सिंह, गौतम ठाकुर, अजय कुमार, रामेन्द्र कुमार, सुनील शर्मा, कैलाश माथ, अमित प्रकाश, वेदपाल, हर्ष देवराय आदि तथा कानपुर अनवरगंज से अविनाश कुमार शाखामंत्री, अनुपम कन्नौजिया, बलराम, विकास कुमार, अनिल कुमार कार्यकारी अध्यक्ष श्री राजेश्वर पाण्डे, अजीत कुमार सिंह, रमन कुमार, विवेक कुमार वर्मा आदि विशेष रूप से मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / संजीव झा
