झाड़ग्राम, 12 मार्च (हि. स.)। जिले के कई स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी के बावजूद राज्य शिक्षा विभाग ने आधुनिक प्रयोगशालाओं के निर्माण के लिए बड़ी राशि मंजूर की है। इस फैसले से शिक्षक, छात्र और अभिभावक खुश तो हैं, लेकिन पर्याप्त शिक्षक नहीं होने की समस्या भी लगातार सामने आ रही है।

झाड़ग्राम जिले के नेताई हाईस्कूल में इस वर्ष 53 छात्रों ने माध्यमिक परीक्षा दी, जबकि स्कूल में जीवविज्ञान और भौतिक विज्ञान के शिक्षक ही नहीं हैं। इसके बावजूद शिक्षा विभाग ने यहां आधुनिक प्रयोगशाला निर्माण के लिए लगभग 16 लाख 22 हजार रुपये मंजूर किए हैं।
सूत्रों के अनुसार, जिले के कुल 12 स्कूलों में आधुनिक प्रयोगशालाएं बनाई जाएंगी। इनमें लालगढ़ रामकृष्ण विद्यालय, बांसपहाड़ी केपीएससी हाईस्कूल, छातिनाशोल एससी हाईस्कूल, तपसिया विद्यासागर शिक्षायतन, चंद्रि चंद्रशेखर हाईस्कूल, चिचिड़ा हाईस्कूल और नयाग्राम थाना बालिका विद्यालय जैसे स्कूल शामिल हैं। इन स्कूलों में प्रयोगशाला भवन के लिए करीब 12.50 लाख रुपये प्रति स्कूल स्वीकृत किए गए हैं।
वहीं नेताई हाईस्कूल, मेटाल हाईस्कूल, मानिकपाड़ा विवेकानंद विद्यापीठ, बारडांगा शिवाजी जूनियर हाईस्कूल और गोपीबल्लभपुर-एक गवर्नमेंट मॉडल स्कूल में प्रयोगशाला भवन और उपकरणों के लिए कुल 16.22 लाख रुपये प्रति स्कूल स्वीकृत किए गए हैं।
नेताई हाईस्कूल के प्रभारी प्रधान शिक्षक देवाशीष गिरी ने कहा कि छात्रों की पढ़ाई के लिए आधुनिक प्रयोगशाला बेहद जरूरी है, लेकिन स्कूल में गणित को छोड़कर विज्ञान का कोई शिक्षक नहीं है।
स्कूल सूत्रों के मुताबिक, नेताई हाईस्कूल में फिलहाल सिर्फ पांच शिक्षक कार्यरत हैं, जबकि सरकारी मानकों के अनुसार यहां कम से कम 13 शिक्षकों की जरूरत है। शिक्षकों की कमी के कारण कई छात्र पढ़ाई के लिए लगभग पांच किलोमीटर दूर लालगढ़ के स्कूलों में दाखिला ले रहे हैं, जिससे स्कूल में छात्रों की संख्या 321 से घटकर 294 रह गई है।
जिला विद्यालय निरीक्षक (माध्यमिक) जगबंधु बनर्जी ने बताया कि जिले के 12 स्कूलों के लिए प्रयोगशाला भवन और उपकरण खरीदने के लिए करीब 1.68 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इन प्रयोगशालाओं में भौतिकी, रसायन, जीवविज्ञान और भूगोल की सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
झाड़ग्राम जिला परिषद के शिक्षा, सूचना-संस्कृति और खेल कर्माध्यक्ष सुमन साहू ने कहा कि नेताई हाईस्कूल में शिक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया जारी है और भविष्य में जिन स्कूलों में प्रयोगशाला नहीं है, वहां भी चरणबद्ध तरीके से यह सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता
