सागर, 12 मार्च (हि.स.)। मध्यप्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने प्रदेश में एलपीजी वितरण व्यवस्था को लेकर स्पष्ट किया है कि आम उपभोक्ताओं को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने सभी जिला कलेक्टरों को गैस सिलेंडर की जमाखोरी और कालाबाजारी पर कड़ी नजर रखते हुए ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

मंत्री राजपूत ने बताया कि वैश्विक स्तर पर आयात से जुड़ी चुनौतियों और वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा कुछ महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। इन बदलावों के तहत अब एलपीजी रिफिल की बुकिंग पिछली डिलीवरी के 25 दिन बाद ही स्वीकार की जाएगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य बाजार में अनावश्यक अफरा-तफरी रोकना और सभी उपभोक्ताओं को समान रूप से गैस उपलब्ध कराना है।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि वर्तमान में प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और घरेलू गैस का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है, इसलिए लोगों को किसी भी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। अब घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी जा रही है। अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों जैसी आवश्यक सेवाओं को छोड़कर फिलहाल होटल, मॉल, फैक्ट्री और अन्य औद्योगिक प्रतिष्ठानों को कमर्शियल एलपीजी की आपूर्ति सीमित रखी जाएगी। व्यावसायिक उपभोक्ताओं को अपनी जरूरतों के लिए वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत अपनाने की सलाह दी गई है।
मंत्री राजपूत ने जिला प्रशासन को वितरण व्यवस्था पर सतत निगरानी रखने के निर्देश देते हुए कहा कि खाद्य विभाग और तेल कंपनियों के अधिकारी नियमित रूप से बैठक कर गैस स्टॉक की समीक्षा करें। साथ ही एलपीजी वितरकों की कार्यप्रणाली पर नजर रखी जाए, ताकि अवैध भंडारण और कालाबाजारी की किसी भी संभावना को खत्म किया जा सके।
उन्होंने बड़े वाणिज्यिक उपभोक्ताओं के साथ समन्वय स्थापित कर उपलब्ध गैस का विवेकपूर्ण उपयोग सुनिश्चित करने की भी बात कही। मंत्री ने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य यह है कि प्रदेश के हर घर में चूल्हा जलता रहे और आम नागरिकों को रसोई गैस की उपलब्धता में कोई बाधा न आए।
हिन्दुस्थान समाचार / मनीष कुमार चौबे
