शिमला, 12 मार्च (हि.स.)। जिला शिमला में पेट्रोल, डीजल और घरेलू गैस की आपूर्ति को लेकर प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि जिले में इन आवश्यक वस्तुओं की कोई कमी नहीं है और नियमित रूप से आपूर्ति जारी है। उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने लोगों से अपील की है कि वे घबराहट में आकर पेट्रोलियम उत्पादों या गैस का अनावश्यक भंडारण न करें, क्योंकि इससे कृत्रिम कमी की स्थिति पैदा हो सकती है।

उपायुक्त ने गुरूवार को जिले के सभी उपमंडल दंडाधिकारियों (एसडीएम) के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से बैठक कर पेट्रोल, डीजल और एलपीजी गैस की आपूर्ति की समीक्षा की। इस बैठक में तेल विपणन कंपनियों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। बैठक में जिले के विभिन्न क्षेत्रों में पेट्रोल पंपों और गैस एजेंसियों में उपलब्ध स्टॉक और आपूर्ति व्यवस्था पर चर्चा की गई।
अनुपम कश्यप ने बताया कि वर्तमान में जिले में घरेलू एलपीजी सिलेंडर, पेट्रोल और हाई स्पीड डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और नियमित रूप से आपूर्ति की जा रही है। उन्होंने कहा कि लोगों को किसी भी तरह की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है और वे सामान्य रूप से ही इन वस्तुओं का उपयोग करें।
उपायुक्त ने यह भी बताया कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए तेल विपणन कंपनियों ने एलपीजी आपूर्ति को लेकर कुछ एहतियाती कदम उठाए हैं। फिलहाल होटल, रेस्टोरेंट और अन्य वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों में उपयोग होने वाले वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति प्राथमिकता के आधार पर केवल अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को दी जा रही है। अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को अस्थायी रूप से आपूर्ति में कुछ प्रतिबंध का सामना करना पड़ सकता है।
उन्होंने कहा कि ऐसे प्रतिष्ठान जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में मिट्टी तेल और कोयले की मांग जिला नियंत्रक, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के कार्यालय में दर्ज करा सकते हैं। इसके आधार पर उन्हें आवश्यकता के अनुसार मिट्टी तेल और कोयले की आपूर्ति की जाएगी।
उपायुक्त ने आम लोगों से यह भी अपील की कि वे एलपीजी सिलेंडर या पेट्रोल-डीजल की जरूरत से ज्यादा खरीदारी या भंडारण न करें। उन्होंने बताया कि घरेलू एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग मौजूदा दिशा-निर्देशों के अनुसार 25 दिनों के अंतराल के बाद ही की जा सकेगी। उपभोक्ताओं से कहा गया है कि वे तय समय के अनुसार ही बुकिंग करें और प्रशासन का सहयोग करें।
बैठक में उपायुक्त ने सभी एसडीएम को अपने-अपने क्षेत्रों में पेट्रोल पंप और गैस एजेंसी संचालकों के साथ बैठक कर नियमित रूप से स्थिति की समीक्षा करने के निर्देश दिए। साथ ही होटल, रेस्टोरेंट और अन्य प्रतिष्ठानों में घरेलू एलपीजी सिलेंडरों के इस्तेमाल की जांच करने को भी कहा गया है।
इसके अलावा उन्होंने पेट्रोल पंपों पर उपलब्ध स्टॉक और आरक्षित कोटे की भी लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए। एसडीएम को यह भी कहा गया है कि वे अपने क्षेत्रों में मिट्टी तेल की संभावित आवश्यकता का आकलन करें और जरूरत के अनुसार व्यवस्था सुनिश्चित करें।
उपायुक्त ने यह भी स्पष्ट किया कि पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल या डीजल को कैन में देने की अनुमति नहीं होगी, जिससे इन उत्पादों का अनावश्यक भंडारण रोका जा सके।
—————
हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा
