कानपुर, 12 मार्च (हि.स.)। राष्ट्रीय सेवा योजना युवाओं में सेवा, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का प्रभावी माध्यम है। एनएसएस के माध्यम से युवा समाज के विभिन्न वर्गों से जुड़कर उनकी समस्याओं को समझते हैं और समाधान की दिशा में सकारात्मक भूमिका निभाने के लिए प्रेरित होते हैं। यह बातें एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी सहायक प्रोफेसर प्रकाश नारायण पाण्डेय ने कहीं।

छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय की एनएसएस डॉ. बी.सी. रॉय पंचम इकाई द्वारा राजापुरवा प्राथमिक विद्यालय में आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर का सप्तम एवं समापन दिवस गुरुवार को उत्साह और रचनात्मक गतिविधियों के साथ सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया, जिसमें स्वयंसेवकों ने सक्रिय सहभागिता निभाई।
दिवस की शुरुआत एनएसएस लक्ष्य गीत के साथ हुई, जिसमें स्वयंसेवकों ने सेवा और राष्ट्र निर्माण की भावना को सुदृढ़ करने का संकल्प लिया। इसके बाद विद्यालय के बच्चों के लिए कविता पाठ और चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
दूसरे सत्र में स्वयंसेवकों ने एनएसएस कैंप की महत्ता विषय पर नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। नाटक के माध्यम से समाज सेवा के महत्व और युवाओं की जिम्मेदारी को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया।
इस अवसर पर डॉ. प्रशांत त्रिवेदी, राहुल अग्रवाल, मनोज कुमार तथा कार्यक्रम अधिकारी प्रकाश नारायण पाण्डेय ने विद्यार्थियों को शिक्षा, अनुशासन और सही मार्गदर्शन के महत्व के बारे में बताते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रेरित किया।
समापन अवसर पर कविता और चित्रकला प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया, जबकि अन्य प्रतिभागियों को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किए गए। इस दौरान कार्यक्रम अधिकारी प्रकाश नारायण पाण्डेय ने विद्यालय के प्रधानाचार्य को स्मृति चिन्ह भेंट किया। साथ ही एनएसएस स्वयंसेवकों की ओर से विद्यालय को एक छत वाला पंखा भेंट स्वरूप दिया गया, जिससे विद्यार्थियों को सुविधा मिल सके।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप
