कोलकाता, 12 मार्च (हि. स.)। खाड़ी क्षेत्र में जारी तनाव के बीच रसोई गैस की उपलब्धता को लेकर आम लोगों की चिंता के मद्देनज़र पश्चिम बंगाल सरकार ने गुरुवार को आपूर्ति की निगरानी, वितरण व्यवस्था को स्थिर रखने तथा शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए एक विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया जारी की।

राज्य के सूचना एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग द्वारा जारी बयान के अनुसार, राज्य सचिवालय नवान्न में 24 घंटे संचालित होने वाला राज्य स्तरीय रसोई गैस नियंत्रण कक्ष स्थापित किया जाएगा, जो समन्वय और निगरानी का मुख्य केंद्र होगा।
बयान में कहा गया है कि यह नियंत्रण कक्ष राज्य में रसोई गैस की उपलब्धता, भंडार की स्थिति तथा आपूर्ति की आवाजाही पर लगातार नजर रखेगा। साथ ही जिलों, वितरकों और तेल विपणन कंपनियों के साथ समन्वय कर आपूर्ति में आने वाली बाधाओं को दूर करने का काम करेगा। नियंत्रण कक्ष के लिए 24 घंटे संचालित होने वाले दो समर्पित दूरभाष सहायता नंबर भी जारी किए जाएंगे।
इसके साथ ही मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती की अध्यक्षता में रसोई गैस संकट निगरानी के लिए एक राज्य स्तरीय समिति का गठन किया गया है, जो नियमित रूप से आपूर्ति की समीक्षा करेगी और विभिन्न क्षेत्रों में गैस की उपलब्धता स्थिर रखने के लिए नीतिगत मार्गदर्शन देगी।
इधर संभावित आपूर्ति बाधा की आशंका को देखते हुए कोलकाता पुलिस ने भी काला बाजारी रोकने के लिए शहर भर में निगरानी बढ़ा दी है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि सभी थानों को गैस सिलेंडरों की आवाजाही और वितरण पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस ने व्यावसायिक रसोई गैस की संभावित कमी से निपटने के लिए पुलिस बैरकों में वैकल्पिक भोजन व्यवस्था जैसे विद्युत चूल्हा और सूक्ष्म तरंग भट्टी के उपयोग का भी निर्णय लिया है।
लालबाजार स्थित पुलिस मुख्यालय का यह निर्णय मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा रसोई गैस वितरकों के साथ आपूर्ति स्थिति की समीक्षा के लिए बुलाई गई आपात बैठक के एक दिन बाद आया है।
मुख्यमंत्री ने बुधवार को इस संकट के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया था और कहा था कि गैस की कीमतों में वृद्धि के विरोध में वह अगले सोमवार को कोलकाता में विरोध मार्च भी निकाल सकती हैं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र के पेट्रोलियम मंत्रालय द्वारा गैस सिलेंडर की बुकिंग के बीच का अंतर 25 दिन करने के फैसले के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है।
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर
