कोलकाता, 13 मार्च (हि. स.)। पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को कहा कि उन्होंने नए राज्यपाल आर. एन. रवि के साथ अपनी पहली मुलाकात के दौरान राज्य सरकार द्वारा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के कथित “अपमान” का मुद्दा उठाया।

भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता अधिकारी ने यह भी कहा कि राष्ट्रपति भवन द्वारा तृणमूल कांग्रेस के सांसदों को राष्ट्रपति से मिलने का समय नहीं दिए जाने के फैसले का उन्होंने स्वागत किया। तृणमूल सांसद राज्य सरकार की जनकल्याण योजनाओं की जानकारी राष्ट्रपति को देना चाहते थे, लेकिन समयाभाव का हवाला देते हुए उन्हें नियुक्ति नहीं दी गई।
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गत शनिवार बागडोगरा हवाई अड्डे पर पहुंचने पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी या उनके किसी मंत्री के स्वागत के लिए मौजूद नहीं रहने पर नाराजगी जताई थी। वह एक अंतरराष्ट्रीय जनजातीय सम्मेलन में भाग लेने के लिए वहां पहुंची थीं, जिसके बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक विवाद शुरू हो गया।
शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि उन्होंने राज्यपाल से राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में पश्चिम बंगाल में बांग्लादेशी मुसलमानों की अवैध घुसपैठ पर पूरी तरह रोक लगाने की भी मांग की।
उन्होंने दावा किया कि अगर ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार सत्ता में बनी रहती है तो वर्ष 2041 तक पश्चिम बंगाल में हिंदू अल्पसंख्यक हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में राज्य की सुरक्षा सबसे बड़ी चिंता का विषय है।
विपक्ष के नेता ने यह भी दावा किया कि महंगाई भत्ता बकाया की मांग को लेकर राज्य सरकारी कर्मचारियों के एक वर्ग द्वारा किया गया कार्य बहिष्कार “100 प्रतिशत सफल” रहा।
उन्होंने कहा कि यदि आगामी विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा पश्चिम बंगाल में सत्ता में आती है तो राज्य सरकारी कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग का लाभ दिया जाएगा।
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर
