—सड़कों के किनारे खत्म होगा तारों का जाल,अंडरग्राउंड नेटवर्क का होगा इस्तेमाल,अंडरग्राउंड ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क और यूटिलिटी डक्ट का एजेंसियां करेंगी उपयोग

वाराणसी, 13 मार्च (हि.स.)। उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी वाराणसी शहर के स्वरूप को बिगाड़ रहे बेतरतीब बिजली और इंटरनेट के तारों के जाल से अब मुक्ति मिलने वाली है। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई बैठक में रिलायंस जियो, एयरटेल, वोडाफोन, बीएसएनएल और जीटीपीएल जैसी बड़ी कंपनियों ने शहर को केबल मुक्त बनाने के लिए हरी झंडी दे दी है।
बैठक के दौरान केबल कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भी माना कि सड़कों और गलियों में फैला तारों का मकड़जाल काशी आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं के मन में शहर की नकारात्मक छवि बनाता है। स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत जिन इलाकों में अंडरग्राउंड ओएफसी (ऑप्टिकल फाइबर केबल) की सुविधा उपलब्ध है, वहां सभी एजेंसियां अपने ओवरहेड तारों को हटाकर उन्हें जमीन के नीचे ले जाएंगी। इसके अलावा सीएम ग्रिड योजना के तहत बने यूटिलिटी डक्ट का भी इस्तेमाल केबल बिछाने के लिए किया जाएगा। इसके अलावा खंभों पर लटकते तारों के गुच्छों को ढकने के लिए एयरटेल की ओर से एक विशेष वायर कवरिंग बॉक्स का मॉडल पेश किया गया है।
नगर निगम के जनसम्पर्क कार्यालय के अनुसार प्रथम चरण में लहुराबीर से मैदागिन, मैदागिन से गोदौलिया और कालभैरव मंदिर मार्ग जैसे प्रमुख रास्तों पर इन बॉक्स का प्रयोग किया जाएगा। सफल रहने पर इसे पूरे शहर में लागू किया जाएगा। वहीं, मणिकर्णिका घाट और ठठेरी बाजार जैसी तंग गलियों में, जहां खंभे नहीं हैं, वहां स्थानीय भवन स्वामियों के सहयोग से दीवारों पर क्लैंप लगाए जाएंगे। इन्हीं क्लैंप के माध्यम से तारों को कसकर व्यवस्थित किया जाएगा। इसके लिए नगर निगम ने शहर के नागरिकों से सहयोग की अपील भी की है।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी
