शिमला, 14 मार्च (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की कमी का असर अब बाजार में भी साफ दिखाई देने लगा है। राजधानी शिमला में गैस की अनियमित आपूर्ति के बीच लोग वैकल्पिक व्यवस्था की तलाश में जुट गए हैं। यही वजह है कि इन दिनों शहर की इलेक्ट्रॉनिक्स दुकानों पर इंडक्शन चूल्हों और अन्य इलेक्ट्रिक कुकिंग उपकरणों की मांग अचानक बढ़ गई है।

दुकानदारों के मुताबिक पिछले कुछ दिनों में इंडक्शन चूल्हों की बिक्री में तेजी से उछाल आया है। पहले जिन उपकरणों की बिक्री सीमित रहती थी, अब वही तेजी से बिक रहे हैं। कई लोग इन्हें घरों में बैकअप व्यवस्था के तौर पर खरीद रहे हैं, जिससे गैस की कमी होने पर खाना बनाने में परेशानी न हो।
शिमला के एक दुकानदार दिव्याच ने बताया कि बीते कुछ दिनों में इंडक्शन चूल्हों की मांग करीब 70 से 80 प्रतिशत तक बढ़ गई है। उनका कहना है कि गैस की किल्लत की खबरों के बाद लोग एहतियात के तौर पर इलेक्ट्रिक कुकिंग उपकरण खरीदने लगे हैं। उन्होंने बताया कि इंडक्शन चूल्हों के साथ-साथ उन पर इस्तेमाल होने वाले स्टील के बर्तनों की मांग भी तेजी से बढ़ी है। कई ग्राहक एक साथ चूल्हा और बर्तन दोनों खरीद रहे हैं।
दिव्याच के अनुसार अचानक बढ़ी मांग के कारण कुछ इलेक्ट्रिक कुकिंग उपकरणों की कमी भी महसूस होने लगी है। पहले इनकी बिक्री सामान्य रहती थी, लेकिन अब कई लोग इसे जरूरी घरेलू उपकरण की तरह खरीद रहे हैं।
इसी तरह शिमला के एक अन्य दुकानदार नेहर सिंह शर्मा बताते हैं कि पहले सप्ताह भर में उनकी दुकान से एक या दो इंडक्शन चूल्हे ही बिकते थे, लेकिन अब हालात बदल गए हैं। उनका कहना है कि पिछले दो–तीन दिनों में बिक्री में काफी तेजी आई है। उन्होंने बताया कि सिर्फ एक दिन में उनकी दुकान से आठ इंडक्शन चूल्हे बिक चुके हैं और ग्राहकों की मांग लगातार बढ़ रही है।
दुकानदारों के मुताबिक गैस की कमी का असर सिर्फ घरों तक सीमित नहीं है। कई होटल, ढाबा और छोटे रेस्तरां संचालक भी अब इलेक्ट्रिक कुकिंग उपकरणों की ओर रुख कर रहे हैं। खासकर इंफ्रारेड और इंडक्शन चूल्हों की मांग कमर्शियल उपयोग के लिए भी बढ़ने लगी है।
इस बीच प्रदेश सरकार ने स्पष्ट किया है कि राज्य में कर्मशियल सिलेंडरों की आपूर्ति प्रभावित हुई है, लेकिन घरेलू सिलेंडरों की पर्याप्त उपलब्धता है और किसी तरह की कोई किल्लत नहीं है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा
