नवादा, 14 मार्च (हि.स.)। जैन धर्म के मूल सिद्धांत अहिंसा परमो धर्म: एवं जीओ और जीने दो के सिद्धांत को आत्मसात करने के प्रति जनमानस को प्रेरित करने के उद्देश्य से देश भर में पदविहार कर रहे 22 जैन संतों व साध्वियों का जत्था गोणावां पहुंचा। देश भर में पदविहार करते हुए यह जत्था मिथिलापुरी, पटना, पावापुरी, कुंडलपुर व राजगृह होते हुए भगवान महावीर के प्रथम शिष्य श्री गौतम गणधर स्वामी की निर्वाण भूमि नवादा स्थित श्री गोणावां जी दिगम्बर जैन सिद्ध क्षेत्र पहुंचा है।

जैन समाज के प्रतिनिधि-सह-भगवान महावीर प्रथम साधना स्थली, पावापुरी के महामंत्री दीपक जैन ने शनिवार को बातचीत में कहा कि प्रख्यात दिगम्बर जैन संत आचार्य श्री 108 वसुनंदी जी महाराज के नेतृत्व में गोणावां पहुंचे जैन संत-साध्वियों के जत्थे में सर्वश्री उपाध्याय प्रज्ञानंद, सर्वानंद, आत्मानंद, निजानंद, संयमानंद, साव्यानंद, समज्ञानंद व क्षुल्लक प्रबुद्धानंद मुनिराज के साथ ही सर्वश्री 105 आर्यिका वर्द्वस्तनंदिनी, वर्चस्वनंदिनी, श्रेयानंदिनी, सुरम्यनंदिनी, यशोदानंदिनी, तीर्थनंदिनी, सुधर्मनंदिनी, प्रशस्तनंदिनी, स्वभावनंदिनी, नयपालनंदिनी, क्षुल्लिका परमनंदिनी, सुखनंदिनी व सरलनंदिनी माता शामिल हैं।
रात्रि विश्राम के पश्चात इन संत-साध्वियों ने शनिवार को प्रातःकालीन बेला में क्षेत्र पर स्थित मंदिरों में जिनेंद्र प्रभु की विधिवत दर्शन-वंदन व आराधना की। आहारचर्या व सामायिक के उपरांत जत्थे में शामिल सभी संत व साध्वीगण गोणावां क्षेत्र से मंगलविहार करते हुए नवादा स्थित दिगम्बर जैन मंदिर पहुंचे, जहां दर्शन-वंदन के पश्चात वे चम्पापुर (भागलपुर) के लिए प्रस्थान कर गए।
इस अवसर पर नवादा जैन समाज के प्रतिनिधि-सह-भगवान महावीर प्रथम साधना स्थली के महामंत्री पत्रकार दीपक जैन, लक्ष्मी जैन, राजेश जैन, लक्ष्मी जैन, राजेश जैन, सुनीता जैन, संतोष छाबड़ा, श्रुति जैन, श्रेया जैन, रीता सेठी, सोनी जैन, अनिता जैन व रौशन जैन सहित स्थानीय जैन समाज के कई अन्य लोगों के साथ ही जत्थे से जुड़े गुरूवाशीष, प्रवाशीष, राजेंद्र जैन, मोहित जैन, दीनू जैन व विजय जैन के साथ ही विभिन्न हिस्सों से आए तीर्थयात्री उपस्थित थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजय कुमार सुमन
