मंडी, 14 मार्च (हि.स.)। मंडी ज़िले के धर्मपुर क्षेत्र में शनिवार को मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के राज्य स्तरीय “जन आक्रोश जत्था” ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ अभियान चलाया। भराड़ी–सजाओपीपलु इलाके में आयोजित कार्यक्रम में पार्टी कार्यकर्ताओं ने नुक्कड़ नाटक और गीतों के जरिए लोगों तक अपने संदेश पहुंचाए और 24 मार्च को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली राष्ट्रीय रैली में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की।

जन आक्रोश जत्था के पहुंचने से पहले क्षेत्र में रैली निकाली गई, जिसमें सरकार की जनविरोधी नीतियों और स्मार्ट बिजली मीटर लगाने के विरोध में नारेबाजी की गई। इस रैली का नेतृत्व भूपेंद्र सिंह ने किया, जबकि जनसभा की अध्यक्षता डॉ. विजय कौशल, सुरेश शर्मा और रणताज राणा ने की। सभा को पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक राकेश सिंघा, राष्ट्रीय सचिव मंडल सदस्य डॉ. विक्रम सिंह, संजय चौहान और भूपेंद्र सिंह ने संबोधित किया।
कार्यक्रम में पार्टी की नुक्कड़ नाटक टीम ने भी प्रस्तुति दी। इस टीम का नेतृत्व डॉ. प्रवीण जरेट कर रहे थे, जबकि महिला समिति की राज्य अध्यक्ष रंजना जरेट भी इसमें शामिल रहीं। नाटक और गीतों के माध्यम से मजदूरों के अधिकारों, श्रम कानूनों में बदलाव, बिजली क्षेत्र के निजीकरण, मनरेगा में प्रस्तावित बदलाव, व्यापार समझौतों और किसान संबंधित मुद्दों को उठाया गया।
पूर्व विधायक राकेश सिंघा ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार सार्वजनिक क्षेत्र की संस्थाओं को निजी कंपनियों के हवाले कर रही है और इसी कड़ी में बिजली क्षेत्र में भी बदलाव किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश को मिलने वाली राजस्व घाटा अनुदान राशि बंद होने से राज्य की आर्थिक स्थिति पर असर पड़ेगा।
डॉ. विक्रम सिंह ने कहा कि मनरेगा कानून में बदलाव कर पहली अप्रैल से नई योजना शुरू करने की बात कही जा रही है, जिससे रोजगार की गारंटी और केंद्र की हिस्सेदारी कम हो सकती है। वहीं संजय चौहान ने कृषि क्षेत्र में विदेशी कंपनियों के प्रवेश, वन संरक्षण कानून में संशोधन और आपदा प्रभावितों को जमीन देने जैसे मुद्दों को उठाया।
कार्यक्रम में भूपेंद्र सिंह ने धर्मपुर क्षेत्र की स्थानीय समस्याओं—जैसे आपदा प्रभावित परिवारों को जमीन न मिलना, सड़कों के निर्माण में कथित अनियमितताएं, रसोई गैस की बढ़ती कीमतें, बसों की कमी और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी—का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में लोगों के बीच अभियान चलाकर स्मार्ट बिजली मीटर लगाने के विरोध को तेज किया जाएगा और धर्मपुर से भी सैकड़ों लोग 24 मार्च की दिल्ली रैली में भाग लेने जाएंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा
