चंडीगढ़, 14 मार्च (हि.स.)। प्रदेश में पहली अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू होगी। नायब सरकार ने मंडियों में फसल बिक्री में होने वाले फर्जीवाड़े को रोकने के लिए एक्शन प्लान तैयार किया है। मंडियों में गेट पर वाहन रजिस्ट्रेशन के साथ फोटो कैप्चर होगी। खरीद प्रक्रिया के सभी चरण, जिनमें गेट पास, बोली, जे-फार्म, आई-फार्म मंडी पर ही जारी होंगे।

सरकार की ओर से 416 खरीद केंद्रों पर गेहूं खरीद का फैसला लिया है। फूड सप्लाई, हैफेड, एफसीआई और हरियाणा वेयर हाउसिंग की ओर गेहूं की खरीद की जाएगी, जिसके दिन निर्धारित किए गए हैं। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग की ओर से मंडियों में खरीद के लिए एजेंसियों का आवंटन कर दिया गया है। वहीं, खरीद शुरू होने से पहले मंडियों में साफ-सफाई के साथ मूलभूत सुविधाएं मुहैया करवाई जा रही हैं।
खाद्य,नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले राज्य मंत्री राजेश नागर ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा खाद्यान्नों की खरीद प्रक्रिया को अधिक सुदृढ़ करने हेतु वर्तमान में कार्यरत ई-खरीद पोर्टल को अपग्रेड किया गया है जिसके अंतर्गत कई नए प्रावधान किए गए हैं। रबी खरीद सीजन 2026-27 के दौरान मंडियों/ खरीद केंद्रों में किसान द्वारा बिक्री हेतु ले जाने वाली गेहूं में प्रयोग किये जाने वाले वाहन पर आवक गेट की रजिस्ट्रेशन नंबर के साथ फोटो कैप्चर किया जाएगा। वाहनों के बिना रजिस्ट्रेशन नंबर के आवक गेट पास जारी नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मंडियों/खरीद केंद्रों को जियो फैंस किया गया है जिसके अंतर्गत खरीद प्रक्रिया के सभी चरण जैसे कि आवक गेट पास, बोली, आई – फार्म, इत्यादि मंडी/खरीद केंद्र स्थल पर ही जारी होंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के किसानों के हितों के हितों के प्रति पूर्णत: प्रतिबद्ध है। किसानों को अपनी उपज की बिक्री में राज्य सरकार किसी प्रकार की असुविधा नहीं होने देगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा
