कानपुर, 14 मार्च (हि.स.)। श्रेष्ठतम भाव और श्रेष्ठतम विचार अपनी भाषा में ही सबसे प्रभावी ढंग से व्यक्त किए जा सकते हैं। हिंदी भाषा के माध्यम से विद्यार्थी अपनी रचनात्मकता और विचारों को बेहतर तरीके से अभिव्यक्त कर सकते हैं।” यह बातें शनिवार को स्कूल ऑफ लैंग्वेजेज के निदेशक डॉ. सर्वेश मणि त्रिपाठी ने कहीं।

दीक्षांत समारोह 2025 के उपलक्ष्य में छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) के स्कूल ऑफ लैंग्वेजेज की ओर से हिंदी काव्य लेखन और हिंदी निबंध लेखन प्रतियोगिता आयोजित की गई थी, जिसमें विजेता प्रतिभागियों को ट्रॉफी और प्रशस्तिपत्र देकर पुरस्कृत किया गया। ट्रॉफी और प्रशस्तिपत्र प्राप्त कर विजेता विद्यार्थियों के चेहरे खुशी से खिल उठे।
हिंदी काव्य लेखन प्रतियोगिता में बीए ऑनर्स हिंदी की छात्रा अस्मिता यादव ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि पार्थ सारथी मिश्रा द्वितीय स्थान पर रहे। वहीं मास्टर ऑफ कॉमर्स की छात्रा संदली गुप्ता ने तृतीय स्थान हासिल किया।
वहीं हिंदी निबंध लेखन प्रतियोगिता में एमए हिंदी की छात्रा इंदु सिंह ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। बीए ऑनर्स इकोनॉमिक्स की छात्रा रूचि गुप्ता द्वितीय तथा मोहिनीश त्रिपाठी तृतीय स्थान पर रहे।
पुरस्कार प्राप्त करने के बाद विजेताओं ने विश्वविद्यालय और शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि “मेरा विश्वविद्यालय मेरी शान है और हिंदी भाषा मेरी जान है।
इस अवसर पर डॉ. सर्वेश मणि त्रिपाठी ने सभी विजेताओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि स्कूल ऑफ लैंग्वेजेज विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा को निखारने के लिए लगातार ऐसे कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा। प्रतियोगिता के संयोजक एवं हिंदी विभाग प्रभारी डॉ. श्रीप्रकाश ने कुलपति, कुलसचिव, शिक्षकों और प्रतिभागियों के प्रति आभार जताया।
कार्यक्रम में डॉ. सुमना विश्वास, डॉ. पूजा अग्रवाल, डॉ. ऋचा शुक्ला, डॉ. प्रभात गौरव मिश्रा, डॉ. लक्ष्मण कुमार, डॉ. प्रीति वर्धन दुबे, डॉ. अंजनी कुमार, डॉ. सुमित चौधरी, डॉ. सेजल और डॉ. अभिजित शाहा सहित कई शिक्षक और कर्मचारी मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप
