मीरजापुर, 14 मार्च (हि.स.)। चुनार नगर के रामबाग स्थित सुरभि शोध संस्थान में शनिवार को राष्ट्रीय जनजाति सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर अरुणाचल प्रदेश से आए जनजातीय पुजारियों के 24 सदस्यीय दल का पारम्परिक रूप से स्वागत किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि हरिश्चन्द्र त्रिपाठी, क्षेत्र जनजाति सम्पर्क प्रमुख रहे। कार्यक्रम में अरुणाचल प्रदेश के जनजातीय पुजारी भारत गौरव यात्रा के तहत चुनार पहुंचे थे। यह दल 7 मार्च से देश भ्रमण पर निकला है और अरुणाचल प्रदेश से दिल्ली व वृंदावन होते हुए 13 मार्च को वाराणसी पहुंचा था। वहां से शनिवार को चुनार के सुरभि शोध संस्थान में उनका आगमन हुआ।
पुजारी दल में अरुणाचल प्रदेश की प्रमुख जनजातियों जैसे आदि, तागीन, गालो और निशीं समुदाय के पुजारी शामिल रहे। संस्थान में पहुंचने पर उनका पारम्परिक रीति-रिवाज के साथ स्वागत और सम्मान किया गया। दल का नेतृत्व पुलोक लेडा कर रहे थे, जो विश्व हिंदू परिषद के अरुणाचल प्रदेश अध्यक्ष भी हैं। कार्यक्रम के दौरान जनजातीय पुजारियों ने अपने पारम्परिक वेशभूषा में उपस्थित लोगों का अभिवादन किया। उन्होंने अपने साथ लाए पवित्र जल से संस्थान में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को आशीर्वाद दिया और रक्षा सूत्र बांधकर उनके स्वस्थ व उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
मुख्य अतिथि हरिश्चन्द्र त्रिपाठी ने अपने सम्बोधन में जनजातीय समाज की परम्पराओं, संस्कृति और देश की एकता में उनकी भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज देश की सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है और उनकी परम्पराओं को संरक्षित करना आवश्यक है। इस अवसर पर संस्थान के प्रभारी अमित चतुर्वेदी, प्रधानाचार्य नागेंद्र पांडेय, प्रबंधक दीपक सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा
