नई दिल्ली, 15 मार्च (हि.स.)। दिल्ली-एनसीआर की लाइफलाइन मानी जाने वाली दिल्ली मेट्रो ने वर्ष 2025 में यात्री संख्या का नया रिकॉर्ड बनाया है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) के अनुसार पूरे वर्ष में करीब 235.8 करोड़ यात्री यात्राएं दर्ज की गईं, जो वर्ष 2024 की तुलना में अधिक हैं। औसतन 2025 में प्रतिदिन करीब 64.60 लाख यात्रियों ने मेट्रो से सफर किया। हाल ही में पिंक लाइन और मैजेंटा लाइन के दो नए सेक्शन के उद्घाटन के साथ दिल्ली मेट्रो भारत की सबसे बड़ी परिचालित मेट्रो प्रणाली बनी हुई है। देश के 26 शहरों में अब कुल 1143 किलोमीटर लंबा मेट्रो नेटवर्क संचालित हो रहा है, जिसमें प्रतिदिन करीब 1.15 करोड़ यात्राएं होती हैं। इनमें से 55 प्रतिशत से अधिक यात्राएं अकेले दिल्ली मेट्रो नेटवर्क पर होती हैं।

डीएमआरसी के प्रधान कार्यकारी निदेशक अनुज दयाल ने रविवार को कहा कि दिल्ली मेट्रो ने राजधानी में शहरी परिवहन को नई दिशा दी है। इससे यात्रा समय कम हुआ है, सड़क जाम में कमी आई है और पर्यावरण के अनुकूल सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा मिला है।
दिल्ली-एनसीआर में मेट्रो नेटवर्क की कुल लंबाई लगभग 416 किलोमीटर है, जिसमें 303 स्टेशन शामिल हैं। इसमें नोएडा-ग्रेटर नोएडा मेट्रो की करीब 29 किलोमीटर लंबी लाइन और गुरुग्राम की रैपिड मेट्रो की करीब 13 किलोमीटर लंबी लाइन भी शामिल है, जो दिल्ली को एनसीआर के प्रमुख शहरों से जोड़ती हैं।
डीएमआरसी के मुताबिक दिल्ली मेट्रो में फिलहाल 343 ट्रेनें (2368 कोच) संचालित हो रही हैं। प्रतिदिन करीब 4508 ट्रेन ट्रिप्स के जरिए लगभग 1.40 लाख ट्रेन किलोमीटर की दूरी तय की जाती है। मेट्रो की समयबद्धता भी करीब 99.9 प्रतिशत बनी हुई है, जो इसे दुनिया की सबसे भरोसेमंद मेट्रो प्रणालियों में शामिल करती है। पिछले दो वर्षों में मेट्रो यात्रियों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी देखी गई है। वर्ष 2024 में कुल 223.5 करोड़ यात्राएं दर्ज की गई थीं, जबकि 2025 में यह बढ़कर 235.8 करोड़ हो गईं। इसी दौरान कई बार दैनिक यात्री संख्या का रिकॉर्ड भी टूटा। 18 नवंबर 2024 को 78.67 लाख यात्रियों ने मेट्रो से सफर किया था, जबकि 8 अगस्त 2025 को एक दिन में 81.87 लाख यात्रियों के साथ नया रिकॉर्ड बना।
दिल्ली मेट्रो देश के सबसे बड़े ड्राइवरलेस मेट्रो नेटवर्क का संचालन भी कर रही है। फिलहाल करीब 121 किलोमीटर लंबाई पर ड्राइवरलेस ट्रेनें चल रही हैं, जिनमें पिंक लाइन और मैजेंटा लाइन शामिल हैं। इन लाइनों पर कुल 80 ड्राइवरलेस ट्रेनें संचालित की जा रही हैं।
डीएमआरसी के अनुसार फेज-4 के तहत कई नए कॉरिडोरों का निर्माण भी जारी है। भविष्य की जरूरतों को देखते हुए 52 नई ट्रेनें खरीदी जा रही हैं, जिनमें से 18 ट्रेनें पहले ही प्राप्त हो चुकी हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / कुमार अश्वनी
