मेदिनीपुर, 15 मार्च (हि. स.)। आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर पांशकुड़ा पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में तृणमूल कांग्रेस के भीतर गुटबाजी बढ़ती जा रही है। इस क्षेत्र को पार्टी का ‘मैच विनिंग’ क्षेत्र माना जाता है, लेकिन चुनाव से पहले वरिष्ठ नेताओं के पद और प्रभाव को लेकर मतभेद सामने आए हैं।

सूत्रों के अनुसार, २०११ के बाद पहली बार पूर्व विधायक सौमेन महापात्र और उनकी पत्नी सुमना महापात्र इस चुनाव में सक्रिय नहीं हैं। वहीं, हाल ही में नगर पालिका अध्यक्ष पद से नंदकुमार मिश्र को हटाए जाने से उनके समर्थकों में असंतोष फैल गया है।
पिछले लोकसभा चुनाव में पांशकुड़ा पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में भाजपा ने तृणमूल को पीछे छोड़ दिया था। नगर क्षेत्र में तृणमूल ने थोड़ी बढ़त बनाई थी, लेकिन ब्लॉक स्तर पर पार्टी कमजोर रही। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इस गुटबंदी का असर आगामी विधानसभा चुनाव पर पड़ सकता है।
गुप्त सूत्रों के अनुसार, “यदि पार्टी एकजुट नहीं हुई, तो पुराने समर्थक कई वार्डों में वोट शेयर कम कर सकते हैं।”
रविवार सुबह भाजपा के एक स्थानीय नेता ने कहा कि तृणमूल के अंदरूनी मतभेद हमें फायदा दे सकते हैं। हम पूरे संगठन के साथ चुनाव लड़ने को तैयार हैं और जनता को बेहतर विकल्प देंगे।
तृणमूल के नेताओं का कहना है कि पार्टी कार्यकर्ता चुनाव में एकजुट होकर लड़ेंगे। तृणमूल के वरिष्ठ नेता इसे ‘पारिवारिक मतभेद’ मानकर चुनाव में सहयोग सुनिश्चित करने का भरोसा दे रहे हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता
