नवादा, 15 मार्च (हि.स.)।नवादा जिले के घोसतावां गांव के निवासी उपेंद्र शर्मा उर्फ विकास ठाकुर ने जमीन के दाखिल-खारिज में अनियमितता का आरोप लगाते हुए जिला पदाधिकारी से न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने इस संबंध में आवेदन देकर मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की है।

आवेदन के अनुसार, उपेंद्र शर्मा ने बताया कि उनकी पुश्तैनी जमीन गांव घोसतावां में स्थित है, जिसका आपसी बंटवारा 27 अगस्त 2019 को ग्राम पंचायत चौरा के मुखिया, ग्रामीण पंचों और सभी पक्षकारों की सहमति से किया गया था। बंटवारे का शेड्यूल तैयार कर उस पर सभी पक्षकारों एवं पंचायत प्रतिनिधियों के हस्ताक्षर भी किए गए थे।
उन्होंने आरोप लगाया कि बंटवारे के अनुसार जो जमीन उनके हिस्से में आई थी, उस पर उनका दखल-कब्जा है। जबकि अन्य हिस्सेदार अपने-अपने हिस्से की जमीन पहले ही बेच चुके थे। इसके बावजूद आमो देवी उर्फ अमीरका देवी द्वारा उनके हिस्से की जमीन बेच दी गई और संबंधित मामले में दाखिल-खारिज की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।
उपेंद्र शर्मा का कहना है कि उन्होंने केस नंबर 5740/2025-26, 5741/2025-26 और 4932/2025-26 में दाखिल-खारिज रोकने के लिए आपत्ति दर्ज कराई थी, लेकिन इसके बावजूद अंचल अधिकारी और राजस्व कर्मचारी ने मिलकर दाखिल-खारिज कर दिया।
पीड़ित ने स्वयं को अति पिछड़ा वर्ग का कमजोर व्यक्ति बताते हुए आरोप लगाया कि भूमाफिया उनकी जमीन हड़पने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने जिला पदाधिकारी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा उनकी जमीन की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजय कुमार सुमन
