उज्जैन , 15 मार्च (हि.स.)। मध्य प्रदेश के उज्जैन में देवास रोड स्थित पाश्र्वनाथ सिटी में रहने वाला छात्र उच्च शिक्षा के लिए कनाडा गया था। जहां एक विवाद के बाद कुछ लोगों ने उस पर हमला कर दिया था। गंभीर चोट लगने से उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना रविवार को उज्जैन में रहने वाले परिवार को मिली है।

जानकारी मिली है कि शनिवार, 14 मार्च को कनाडा के फोर्ट सेंट जॉन शहर में गुरकीरत सिंह मनोचा पुत्र गुरजीत सिंह मनोचा की मौत हो गई। देवास रोड स्थित पाश्र्वनाथ सिटी निवासी गुरकीरत सिंह उच्च शिक्षा के लिए कनाडा गए थे। वहां नॉर्दर्न लाइट्स कॉलेज में बिजनेस मैनेजमेंट के पोस्ट डिग्री डिप्लोमा प्रोग्राम की पढ़ाई कर रहे थे। वहां कुछ युवकों के बीच आपसी विवाद हो गया था। इसी दौरान हुए झगड़े में गुरकीरत सिंह मनोचा पर हमला कर दिया गया। हमले में उन्हें गंभीर चोटें आईं, जिसके चलते उनकी मौत हो गई।
रिश्तेदार ने दी सूचनाशनिवार-रविवार देर रात को मृतक छात्र के पिता गुरजीत सिंह के भाई प्रबकीरत सिंह मनोचा को इस घटना की सूचना मिली थी। प्रबकीरत सिंह वर्तमान में रायपुर में रहते हैं। गुरकीरत सिंह मनोचा के माता-पिता गुरजीत सिंह मनोचा देवास रोड स्थित पार्श्वनाथ सिटी में रहते हैं। बेटे की मौत की खबर मिलते ही परिवार में शोक की लहर दौड़ गई। परिवार अब गुरकीरत सिंह का पार्थिव शरीर भारत लाने की प्रक्रिया में जुटा हुआ है।
प्रबकीरत सिंह ने रविवार को जानकारी देते हुए बताया कि गुरकीरत वॉलमार्ट में काम करते थे। ड्यूटी खत्म होने के बाद नॉर्दर्न लाइट्स कॉलेज के कुछ छात्र उन्हें अपने साथ ले गए थे। छात्रों के बीच पहले से किसी बात को लेकर विवाद बताया जा रहा है। झगड़े के दौरान गुरकीरत भी उसमें फंस गए। कुछ युवकों ने उनके साथ मारपीट की और उन पर गाड़ी चढ़ा दी, जिससे उनकी मौत हो गई।
उन्होंने बताया कि वारदात में करीब 10-12 युवक शामिल थे। स्थानीय पुलिस ने शुरुआती कार्रवाई में 7-8 लोगों को हिरासत में लिया, हालांकि बाद में उनके वकील के पहुंचने पर उन्हें छोड़ दिया गया। पुलिस ने अस्पताल में शव की पहचान करवाई, जिसमें पुष्टि हुई कि मृतक गुरकीरत सिंह मनोचा ही हैं।
प्रबकीरत सिंह ने बताया कि कनाडा पुलिस पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, जिसके बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। गुरकीरत के पार्थिव शरीर को भारत लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए करीब तीन सप्ताह का समय बताया गया है। परिवार ने सरकार से शव को जल्द भारत लाने में मदद की अपील की है।
परिजनों के मुताबिक, घटना से पहले शुक्रवार को उनकी आखिरी बार अपने पिता गुरजीत सिंह मनोचा से बात हुई थी। उस समय उनके पिता दिल्ली से उज्जैन लौट रहे थे। वे दिल्ली में आयोजित एक फूड एग्जीबिशन देखने गए थे, जिसको लेकर गुरकीरत से सामान्य बातचीत हुई थी। परिवार ने बताया कि कनाडा में पढ़ाई के नियम के तहत सप्ताह में चार दिन पढ़ाई और तीन दिन नौकरी करना अनिवार्य होता है। गुरकीरत भी इसी व्यवस्था के तहत पढ़ाई के साथ-साथ नौकरी कर रहे थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / ललित ज्वेल
