मेदिनीपुर, 17 मार्च (हि. स.)। नियुक्ति प्रक्रिया में किसी भी नियम का पालन नहीं किया गया और न ही कोई नोटिस जारी किया गया। चंद्रकोना सहकारी कृषि विकास समिति के प्रबंधन बोर्ड के कुछ सदस्यों ने यह आरोप लगाया है। इस आरोप के बाद सहकारी समिति में कर्मचारियों की नियुक्ति को लेकर जोरदार विवाद शुरू हो गया है। नियुक्ति पर आपत्ति जताते हुए समिति के सदस्य सोमवार दोपहर बीडीओ के पास पहुंचे।

सोमवार को इस सहकारी समिति में तीन अस्थायी कर्मचारियों की नियुक्ति की गई। समिति के सूत्रों के अनुसार, ये तीनों कर्मचारी 18 मार्च, बुधवार को काम पर जॉइन करेंगे। नौ सदस्यीय प्रबंधन बोर्ड के तीन सदस्यों ने इस तरह नियुक्ति किए जाने का आरोप लगाया है।
इस बारे में सोमवार रात बोर्ड के एक सदस्य बुद्धदेव दास ने कहा कि बोर्ड में किसी प्रकार की चर्चा किए बिना सचिव ने अपनी पसंद के तीन लोगों को नियुक्त कर दिया। उन्होंने समिति के मैनेजर को पत्र देकर उनकी नियुक्ति करवाई। बिना किसी विज्ञप्ति के यह नियुक्ति की गई है। हमने इस मामले की जानकारी बीडीओ को दी है। जिले के सहकारी समितियों के सहायक रजिस्ट्रार को भी इसकी जानकारी दी जाएगी।
बोर्ड की एक अन्य सदस्य प्रतिमा सांतरा ने कहा कि नियुक्ति से संबंधित कोई चर्चा बोर्ड की बैठक में नहीं हुई। इसके बावजूद हमें पता चला कि सचिव कुछ लोगों के हस्ताक्षर लेकर नियुक्ति की तैयारी कर रहे हैं। इसकी जानकारी मिलने पर हमने 24 फरवरी को ही नियुक्ति प्रक्रिया को रोकने की मांग करते हुए ब्लॉक के कोऑपरेटिव इंस्पेक्टर और जिले के सहकारी समितियों के असिस्टेंट रजिस्ट्रार को पत्र दिया था। जिला कार्यालय से मैनेजर को नियुक्ति संबंधी मामले में रिपोर्ट देने को कहा गया था, लेकिन कोई रिपोर्ट नहीं दी गई।
हालांकि समिति के सचिव अशोक चटर्जी ने इन आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि समिति में कर्मचारियों की आवश्यकता है, नहीं तो कामकाज ठप हो जाएगा। बोर्ड के निर्णय के आधार पर ही नियुक्ति की गई है। तीन लोगों ने आवेदन किया था, इसलिए उन्हें डेली बेसिस पर नियुक्त किया गया है। जिले से मुझसे जानकारी मांगी गई थी, जिसका जवाब दिया जाएगा। यदि नियुक्ति अवैध पाई जाती है तो उसे रद्द कर दिया जाएगा। उनका कहना है कि नियुक्ति का अधिकार बोर्ड के पास भी होता है।
समिति के सूत्रों के अनुसार, वर्तमान में यहां दो स्थायी और तीन अस्थायी कर्मचारी कार्यरत हैं। तीन अस्थायी कर्मचारियों में से दो का कार्यकाल बढ़ाया गया था। एक का कार्यकाल पिछले महीने समाप्त हो चुका है और दूसरे का इस महीने समाप्त हो जाएगा। ऐसे में अस्थायी कर्मचारियों की संख्या घटकर एक रह जाएगी।
हालांकि कर्मचारियों की नियुक्ति का अधिकार सहकारी समिति के प्रबंधन बोर्ड के पास होता है, लेकिन इसके लिए सहकारी समितियों के असिस्टेंट रजिस्ट्रार से मंजूरी लेना आवश्यक होता है।
नियुक्ति का विरोध करने वाले पांच बोर्ड सदस्यों ने कहा कि उन्होंने नियुक्ति पर रोक लगाने के लिए पहले ही समिति को पत्र दिया था, लेकिन उसका कोई उत्तर नहीं दिया गया।
पश्चिम मेदिनीपुर जिला रेंज के सहकारी सोसाटी के एक अधिकारी ने कहा कि नियुक्ति से संबंधित कोई शिकायत अभी तक नहीं मिली है। शिकायत मिलने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
समिति के मैनेजर शक्तिपद दत्त ने कहा कि नियुक्ति के बारे में मुझे कुछ कहना नहीं है। यह बोर्ड का निर्णय है। सोसाइटी के हेड सेक्रेटरी ने मुझे लिखित रूप से अनुमति दी थी, उसी आधार पर तीन लोगों की नियुक्ति की गई है।
—————
हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता
