—वैदिक विज्ञान के विविध स्वरूप विषयक त्रि-दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी का दूसरा दिन

वाराणसी, 17 मार्च (हि.स.)। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, नई दिल्ली के प्रो. रामनाथ झा ने कहा कि वेद ही विज्ञान है, दर्शन शब्द ऋषियों से आया है, जबकि फिलॉसॉफी लॉजिकल अनुभूति है। भारतीय ज्ञान परमपरा के अनुसार देखकर अनुभव करना अर्थात् प्रत्यक्ष ज्ञान की बात करते है, जबकि पश्चिमी ज्ञान परम्परा के अनुसार तार्किक विश्लेषण के माध्यम शोध कार्य करते है। पदार्थ विज्ञान परमाणु को फण्डामेन्टल मानता है, जबकि न्याय भी यही मानता है। प्रो.रामनाथ वैदिक विज्ञान के विविध स्वरूप विषयक त्रि—दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।
वैदिक विज्ञान केंद्र, काशी हिंदू विश्वविद्यालय की ओर से आयोजित संगोष्ठी के दूसरे दिन मंगलवार को प्रथम तकनीकी सत्र में प्रो.रामनाथ झा ने क्वांटम भौतिकी का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि क्वांटम भौतिकी में सब कुछ एक दूसरे से जुड़ा हुआ है । यही, भगवान् श्रीकृष्ण कहते है कि सभी लोग एक दूसरे जुड़े हुए है। इसको हम विभाज्य नहीं कर सकते। मनुष्य और ब्रह्माण्ड के बीच एक चक्र है। उपनिषद् का ज्ञान जर्मनी गया जहॉं पर मनुष्य और प्रकृति के बीच सम्बन्धों पर शोध पर शोध हुआ, जिसका नाम इकोलॉजी निकल कर आया। इस सत्र में बीएचयू के संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय वेद विभाग के प्रो. उपेन्द्र कुमार त्रिपाठी ने कहा कि यज्ञ विज्ञान के अन्तर्गत सम्पूर्ण सृष्टि समाहित है हमारे जीवन का मूल आधार यज्ञ है और यज्ञों का मूल आधार अग्निहोत्र है। सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड के संरक्षण के लिए यज्ञ विज्ञान पर शोध की जरूरत है। इसी सत्र में प्रो. महेन्द्र पाण्डेय, (वेद-वेदांग संकाय प्रमुख, सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय), प्रो. श्यामदेव मिश्र, ज्योतिष विभाग, केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, लखनऊ, प्रो. हरिश्वर दीक्षित आदि ने भी विचार रखा। इस सत्र की अध्यक्षता पूर्व संकाय प्रमुख प्रो. श्री किशोर मिश्र, कला संकाय बीएचयू ने की। गोष्ठी के द्वितीय तकनीकी सत्र को बतौर मुख्य अतिथि प्रो. आशीष वाजपेयी (निदेशक, प्रबंध अध्ययन संस्थान बीएचयू) रहे। इस सत्र में देश-विदेश से आये हुए अध्यापक, अध्येयता, शोध छात्रों ने शोध पत्र का वाचन किया। सत्र का संयोजन एवं संचालन डॉ. पवन पाण्डेय, सस्कृत विभाग, कला संकाय बीएचयू ने किया।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी
