अररिया 20 मार्च(हि.स.)।फारबिसगंज के प्राथमिक विद्यालय आदिवासी टोला मधुरा में स्कूली बच्चों के साथ स्कूल प्रबंधन ने शुक्रवार को अंतर्राष्ट्रीय खुशी दिवस मनाया।

मौके पर दिवस को लेके जानकारी देते हुए शिक्षक कुमार राजीव रंजन ने कहा कि 20 मार्च को हर साल अंतर्राष्ट्रीय खुशी दिवस मनाया जाता है। संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित यह दिन मानव जीवन में खुशी और भलाई के महत्व को रेखांकित करता है। इसका मुख्य उद्देश्य दुनिया भर में लोगों को यह याद दिलाना है कि खुश रहना एक मौलिक मानवाधिकार है। अंतर्राष्ट्रीय खुशी दिवस यह दिवस मनाने का शुरुआत संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 12 जुलाई 2012 के प्रस्ताव के बाद पहली बार 2013 में किया था। इस दिन का लक्ष्य गरीबी उन्मूलन,असमानता कम करने और पृथ्वी की रक्षा करने जैसे सतत विकास लक्ष्यों के साथ खुशी को जोड़ना है।
खासकर इस दिवस को स्थापित करने का प्रस्ताव भूटान के राजा द्वारा रखा गया था, जो अपनी जीडीपी के बजाय सकल राष्ट्रीय खुशी को प्राथमिकता देते हैं।
ऐसे हम कह सकते हैं कि यह दिन याद दिलाता है कि विकास के लिए केवल आर्थिक वृद्धि नहीं, बल्कि खुशहाली और मानसिक स्वास्थ्य भी जरूरी है।
कार्यक्रम में युवा शिक्षक रंजीत कुमार मंडल ने बच्चों को मुख स्वास्थ्य दिवस के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रधान शिक्षक मिथिलेश कुमार सिंह ने कहा कि आज विश्व कहानी दिवस है। अभी के इस मोबाइल युग में लोग कहानी किस्सा सुनाना भुल गए हैं,जो कि अभी के समय में बहुत ही जरूरी है।
हिन्दुस्थान समाचार / राहुल कुमार ठाकुर
