तेहरान, 22 मार्च (हि.स.)। ईरान की सेना ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सीधी चुनौती दी है। सेना ने कहा है कि अगर अमेरिका देश के परमाणु ऊर्जा संयंत्रों (पावर प्लांट) पर अगर हमला करता है तो वह मध्य-पूर्व में ऊर्जा और जलशोधन के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाएगी। ईरान की सेना का यह बयान राष्ट्रपति ट्रंप की धमकी के जवाब में आया है। ट्रंप ने धमकी दी है कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य को 48 घंटे के अंदर नहीं खोला गया तो वह ईरान के पावर प्लांट को पूरी तरह तबाह कर देंगे।

ईरान की फार्स न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, इसके बाद ईरान की सेना ने कहा, हमारी पिछली चेतावनी के बाद अगर दुश्मन (अमेरिका) ने ईरान के ईंधन और ऊर्जा के बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाया, तो मध्य पूर्व में अमेरिका और उसकी समर्थक सरकारों से जुड़े सभी ऊर्जा, सूचना प्रौद्योगिकी और जलशोधन के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया जाएगा।
इस बीच इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स (आईआरजीसी) की एयरोस्पेस फोर्स के कमांडर ब्रिगेडियर जनरल सैयद माजिद मूसावी ने कहा कि इजराइल के आसमान पर ईरानी मिसाइलों का नियंत्रण है। उन्होंने कहा कि ईरान ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी को नतान्ज में अपनी परमाणु सुविधा पर अमेरिका और इजराइल के हमले के बारे में सूचित कर दिया है।
आईआरजीसी की नौसेना के कमांडर, रियर एडमिरल अलीरेजा तंगसिरी ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर हमला हुआ, तो फारस की खाड़ी में मौजूद ईरानी द्वीप अमेरिकी सैनिकों के लिए कब्रिस्तान बन जाएंगे। तंगसिरी ने कहा कि संयुक्त अरब अमीरात के अल-मिन्हाद एयर बेस और कुवैत के अली अल-सलेम एयर बेस पर मौजूद ठिकानों को तबाह किया जा चुका है।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकुंद
