बांदा, 22 मार्च (हि.स.)। विश्व जल दिवस 2026 के अवसर पर रविवार को इंस्टीट्यूट फॉर वाटर एंड क्लाइमेट इनिशिएटिव्स द्वारा उत्तर प्रदेश के जनपद बांदा के नवाब टैंक में में प्रातः 6.30 बजे से 10.30 बजे तक स्वच्छता अभियान तथा “जल और लैंगिक समानता” विषय पर चित्रकला प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया।

इस पहल का उद्देश्य स्थानीय जल स्रोतों की स्वच्छता को बढ़ावा देना, जल संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाना तथा जल संकट का महिलाओं और लड़कियों पर पड़ने वाले असमान प्रभाव को उजागर करना था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों, युवाओं एवं विद्यार्थियों ने पूर्ण उत्साह के साथ भाग लिया और स्वच्छता अभियान में सक्रिय योगदान देकर सामुदायिक जिम्मेदारी का परिचय दिया।
चित्रकला प्रतियोगिता के माध्यम से प्रतिभागियों ने अपनी रचनात्मक अभिव्यक्ति के जरिए यह दर्शाया कि पानी तक असमान पहुंच किस प्रकार महिलाओं और लड़कियों के जीवन, स्वास्थ्य और अवसरों को प्रभावित करती है। इस प्रतियोगिता ने जल एवं लैंगिक समानता जैसे महत्वपूर्ण विषय पर संवाद और जागरूकता को बढ़ावा दिया। प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार आस्था गुप्ता, द्वितीय पुरस्कार मयंक कुमार को दिया गया।निर्णायक मंडल में दीपाली ओमर एवं अंजू दमेले रही।
कार्यक्रम के दौरान आशा कुटार द्वारा कठपुतली शो भी प्रस्तुत किया गया, जिसने जल संरक्षण और स्वच्छता का संदेश प्रभावी रूप से सभी तक पहुँचाया।
इस पहल को और सशक्त बनाने में कुमार कृतिक, रमेश पाल, रोहित, प्रीति साहू, राकेश, शुभम, नैन्सी, नवल, सदाशिव, दिनेश, ओम, अनामिका, अरुण एवं रत्नेश सहित अन्य सहयोगियों की महत्वपूर्ण भागीदारी रही, जिनके सामूहिक प्रयास और सहयोग से कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हो सका।
इंस्टीट्यूट फॉर वाटर एंड क्लाइमेट इनिशिएटिव् की मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रशांसा गुप्ता ने कहा कि यह केवल एक शुरुआत है। हमें अपने अंदर नागरिक जिम्मेदारी विकसित करने की आवश्यकता है, ताकि हम अपने जल स्रोतों को गंदा न करें। यह केवल एक दिन का प्रयास नहीं है हमें नियमित रूप से अपने जल स्रोतों की सफाई करनी होगी। यह हम सभी की साझा जिम्मेदारी है।
आई डब्ल्यू सी आई का मानना है कि जल स्रोत केवल संसाधन नहीं, बल्कि समुदाय की जीवनरेखा हैं, जिनकी सुरक्षा और संरक्षण हम सभी की साझा जिम्मेदारी है।
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हिन्दुस्थान समाचार / अनिल सिंह
