मुंबई, 23 मार्च (हि.स.)। कांग्रेस पार्टी के विधायक विजय वडेट्टीवार ने नाशिक के पाखंडी बाबा अशोक खरात के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने मांग की है कि खरात का साथ देने वाले मंत्रियों और बड़े अधिकारियों को भी सह-आरोपी बनाया जाए और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

विधानसभा में उन्होंने खरात का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि विकसित विचारों की विरासत वाले महाराष्ट्र में आज कल पाखंड का बाज़ार चल रहा है। उसे जो राजनीतिक और प्रशासनिक सह मिल रही है, वह राज्य के लिए बहुत शर्म की बात है। खुद को भगवान का अवतार बताने वाले और ज्योतिष के नाम पर लोगों को गुमराह करने वाले अशोक खरात के 100 से ज़्यादा आपत्तिजनक वीडियो सामने आए हैं। ऐसे पाखंडियों की वजह से महाराष्ट्र की छवि खराब हो रही है। इस बाबा ने महिलाओं का यौन शोषण किया है। चौंकाने वाली बात है कि खरात के खिलाफ कार्रवाई रोकने के लिए तीन बड़े अधिकारी एक होटल में मीटिंग कर रहे थे। राजस्व और पुलिस के अधिकारी भी खरात की गिरफ्तारी रोकने की कोशिश कर रहे थे। इस मामले में सिर्फ भोंदू बाबा ही नहीं, बल्कि उसे पनाह देने वाले आईएएस, आईपीएस और राजस्व विभाग के अधिकारी भी शामिल हैं। ये अधिकारी और मंत्री संविधान की कसम खाते हैं, लेकिन असल में वे भोंदू बाबा के पैरों में गिरते दिखते हैं। यह लोकतंत्र का दुर्भाग्य है।
वडेट्टीवार ने कहा कि यह मामला सिर्फ एसआईटी बनाने से हल नहीं होगा, बल्कि संबंधित मंत्रियों का इस्तीफा और अधिकारियों का निलंबन ज़रूरी है। सभी आरोपी और संदिग्ध अधिकारियों की सीडीआरएस चेक की जानी चाहिए। इस भोंदू बाबा को इज्जत देने वाले मंत्रियों और संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों को भी सह-आरोपी बनाया जाना चाहिए।
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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार
