जयपुर, 24 मार्च (हि.स.)। वागड़ अंचल का प्रमुख जलस्रोत माही बांध अब पर्यटन के नए आयाम स्थापित करने जा रहा है। राज्य सरकार ने ‘सिटी ऑफ हंड्रेड आइलैंड्स’ के रूप में पहचान बना चुके इस क्षेत्र को विकसित करने के लिए बड़ा कदम उठाते हुए उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के मार्गदर्शन में प्रशासनिक सुधार विभाग द्वारा जारी आदेशों के तहत यह समिति माही बांध के भराव क्षेत्र और आसपास के टापुओं को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के लिए मास्टर प्लान तैयार करेगी।
सरकार द्वारा गठित इस समिति में उदयपुर संभागीय आयुक्त को अध्यक्ष बनाया गया है। इसके साथ बांसवाड़ा जिला कलेक्टर, जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता, उपवन संरक्षक, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और पर्यटन विभाग के अधिकारी सदस्य होंगे।
माही परियोजना के अधीक्षण अभियंता को सदस्य सचिव बनाया गया है।
समिति माही बांध के जलभराव क्षेत्र, टापुओं और आसपास की भूमि के उपयोग, सीमांकन, लीज एवं आवंटन से जुड़े नियम तय करेगी। साथ ही वाटर स्पोर्ट्स और अन्य पर्यटन गतिविधियों के संचालन के लिए दिशा-निर्देश तैयार किए जाएंगे।
पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए प्रदूषण रोकने और जल के संतुलित उपयोग पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
चारों ओर हरियाली, पहाड़ियों और बैकवॉटर में फैले टापुओं के कारण यह क्षेत्र पहले से ही पर्यटकों को आकर्षित करता रहा है। अब यहां वाटर एक्टिविटीज, नेचर-बेस्ड टूरिज्म और व्यू-पॉइंट विकसित किए जाएंगे, जिससे यह क्षेत्र राष्ट्रीय स्तर का प्रमुख इको-टूरिज्म डेस्टिनेशन बन सके।
जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने बताया कि यह पहल संतुलित और पर्यावरण-अनुकूल विकास को बढ़ावा देगी। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी।
सरकार की इस दूरदर्शी योजना से माही क्षेत्र को नई पहचान मिलने के साथ-साथ पर्यटन, जल संरक्षण और आर्थिक विकास के नए द्वार खुलेंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित
