आसनसोल, 24 मार्च (हि. स.)। पश्चिम बर्दवान के आसनसोल दक्षिण की पूर्व विधायक और भाजपा नेता अग्निमित्रा पाल मंगलवार को अदालत पहुंचीं। वह वर्ष 2021 के एक मामले में जमानत लेने के लिए कोर्ट गई थीं।

मीडिया से बातचीत में विधायक ने बताया कि पांच जून 2021 को चुनाव के बाद में व्यापक हिंसा हुई थी। उनके अनुसार, तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने भाजपा समर्थकों के साथ मारपीट की थी। उसी के विरोध में वह भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष के रूप में बीरभूम में रैली करने पहुंची थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौरान पुलिस ने उनके खिलाफ “झूठा मामला” दर्ज किया।
उन्होंने कहा कि चुनाव बाद हिंसा पश्चिम बंगाल में आम हो गई है और 2021 में बीरभूम में भाजपा कार्यकर्ताओं पर अत्याचार हुआ। एक घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि एक कार्यकर्ता के साथ उसके पिता के सामने दुष्कर्म हुआ, जिसे याद कर वह भावुक हो गईं।
राजनीतिक टिप्पणी करते हुए अग्निमित्रा पाल ने कहा कि 2026 का चुनाव अलग होगा और भाजपा के शासन में चुनाव के बाद हिंसा नहीं होगी। उन्होंने मुख्यमंत्री पर भी निशाना साधते हुए कहा कि 2021 में विरोधियों के लिए जगह देने की बात कही गई थी, लेकिन हकीकत अलग रही।
उन्होंने दावा किया कि अब तक उनके खिलाफ करीब 25 मामले दर्ज किए जा चुके हैं, लेकिन उन्हें इस बात का गर्व है कि ये मामले भाजपा कार्यकर्ताओं की रक्षा के लिए संघर्ष के कारण हुए।
भ्रष्टाचार के मुद्दे पर उन्होंने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकारी योजनाओं, विशेषकर जल जीवन मिशन में बड़े स्तर पर गड़बड़ी हुई है।
वहीं, नेता प्रतिपक्ष का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि 2021 में नंदीग्राम में उन्होंने मुख्यमंत्री को हराया था और इस बार भी वही परिणाम दोहराया जाएगा।
इस मामले की जानकारी देते हुए भाजपा लीगल सेल के प्रदेश संयोजक ने बताया कि अग्निमित्रा पाल पर आईपीसी की धारा 501, 502, 505 और 509 के तहत मामला दर्ज है। इन धाराओं में जमानत का प्रावधान होने के कारण वह अदालत में आवेदन देने पहुंची थीं।
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा
