रांची, 24 मार्च (हि.स.)। लोक आस्था का महापर्व चैती छठ को लेकर व्रतियों ने मंगलवार को राजधानी रांची के विभिन्न जलाशयों में अस्ताचलगामी भगवान सूर्य को पहला अर्घ्य दिया।

चैती छठ महापर्व के तीसरे दिन शहर के विभिन्न जलाशयों और तालाबों पर छठव्रतियों की अच्छी खासी भीड़ रही। छठव्रती पारंपरिक अनुष्ठानों का निर्वाह करते हुए निर्धारित मार्गों से जलाशयों तक पहुंचे। व्रती सूप में पांच प्रकार के फल माला सजाए हुए थे। इसके साथ ही ठेकुआ, नारियल, डंभा और प्रसाद सजाकर भगवान सूर्य को अर्पित की गई।
शहर के छठ घाटों बड़ा तालाब, चडरी तालाब, जेल तालाब, तिरिल तालाब, डिस्टलरी सहित अन्य तालाबों और डैम पर श्रद्धा और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। तालाबों में भगवान सूर्य को दीप दिखाया गए और जलाशयों में दीप जलाकर वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
लोकगीतों और छठ गीतों की गूंज भी चारों तरफ सुनाई दी। व्रतियों के साथ पहुंचे परिजनों और सहयोगियों ने भी डूबते सूर्य अर्घ्य अर्पित किया। छठ पर्व को लेकर प्रशासन की ओर से भी व्यापक व्यवस्था की गई थी, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
बुधवार को उदीयमान भगवान सूर्य को अर्घ्य देने के बाद चार दिवसीय छठ महापर्व का सामापन हो जायेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे
