शिमला, 25 मार्च (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश विधानसभा में बुधवार को सरकार ने विभिन्न विभागों से जुड़े कई अहम मुद्दों पर जानकारी दी। इनमें एचआरटीसी कर्मचारियों की पेंशन, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, जल जांच प्रयोगशालाओं की स्थापना, स्कूलों में शिक्षकों की स्थिति, गन लाइसेंस, केंद्र की योजनाओं की धनराशि और बस रूटों से जुड़े सवाल शामिल रहे। सरकार ने स्पष्ट किया कि कई मामलों में लंबित प्रक्रियाएं धन की उपलब्धता और प्रशासनिक कारणों पर निर्भर हैं।

उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने विधायक इंद्रदत्त लखनपाल के सवाल के लिखित जवाब में बताया कि हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) में कर्मचारियों की पेंशन स्वीकृति से जुड़े 87 मामले लंबित हैं। इन मामलों का निपटारा धन की उपलब्धता पर निर्भर है।
उन्होंने बताया कि कई मामलों में एनपीएस के तहत नियोक्ता का हिस्सा जमा नहीं होने के कारण देरी हो रही है, जबकि कुछ मामले अभी प्रक्रिया में हैं। ये लंबित मामले निगम के विभिन्न डिपो से संबंधित हैं। इनमें सब-इंस्पेक्टर, चालक, वाशर ब्वॉय, कंडक्टर, यार्ड मास्टर, फीटर, मैकेनिक, इंस्पेक्टर, चौकीदार और वरिष्ठ सहायक जैसे विभिन्न पदों के कर्मचारी शामिल हैं।
प्रदेश में 72 जल जांच प्रयोगशालाएं स्थापित
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने एक अन्य सवाल के लिखित जवाब में बताया कि जलशक्ति विभाग की ओर से प्रदेश में कुल 72 जल जांच प्रयोगशालाएं स्थापित की गई हैं। इनमें एक राज्य स्तरीय, 14 जिला स्तरीय और 57 उपमंडल स्तरीय प्रयोगशालाएं शामिल हैं।
सबसे अधिक 14 प्रयोगशालाएं कांगड़ा जिले में स्थापित की गई हैं। इसके अलावा मंडी में 13, शिमला में 9, चंबा में 7, सिरमौर में 5, बिलासपुर और हमीरपुर में 4-4, सोलन, ऊना और लाहौल-स्पीति में 3-3 तथा किन्नौर में 2 प्रयोगशालाएं स्थापित की गई हैं। राज्य स्तर की एकमात्र प्रयोगशाला मंडी जिले में स्थापित की गई है।
कॉलेज प्राध्यापकों के लिए सप्ताह में 42 घंटे ड्यूटी अनिवार्य
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने विधायक इंद्रदत्त लखनपाल के सवाल के लिखित जवाब में बताया कि प्रदेश के महाविद्यालयों में प्राध्यापकों के लिए प्रतिदिन 7 घंटे या सप्ताह में 42 घंटे कॉलेज में उपस्थित रहना अनिवार्य किया गया है।
बिलासपुर में तीन साल में 79 गन लाइसेंस स्वीकृत
विधायक त्रिलोक जंबाल के सवाल के लिखित जवाब में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बताया कि पिछले तीन वर्षों में बिलासपुर जिले में गन के 69, पिस्टल के 8 और राइफल के 2 लाइसेंस स्वीकृत किए गए हैं। इस अवधि में रिवॉल्वर का कोई लाइसेंस स्वीकृत नहीं किया गया।
एसएनए स्पर्श प्रणाली के तहत 1789 करोड़ रुपये मिले
मुख्यमंत्री ने विधायक सुधीर शर्मा के सवाल के लिखित जवाब में बताया कि एसएनए स्पर्श प्रणाली के तहत केंद्र सरकार की 69 योजनाएं स्वीकृत हैं, जिनके लिए अलग-अलग खाते खोले गए हैं। इनमें से 93 खातों में 31 जनवरी 2026 तक केंद्र सरकार से धनराशि प्राप्त हुई है।
उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 में 31 जनवरी 2026 तक प्रदेश को इस प्रणाली के तहत 1789.12 करोड़ रुपये की राशि मिली है। वहीं, राज्य सरकार ने इन योजनाओं के लिए प्रति खाते 0, 10, 25 और 50 प्रतिशत की दर से कुल 229.93 करोड़ रुपये जमा करवाए हैं।
सामाजिक सुरक्षा पेंशन के 27 हजार से अधिक मामले लंबित
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री धनीराम शांडिल ने विधायक विनोद कुमार और जीत राम कटवाल के सवाल के लिखित जवाब में बताया कि प्रदेश में 8 लाख 6 हजार 846 लोगों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन दी जा रही है। इनमें 70 वर्ष से अधिक आयु के 3 लाख 50 हजार 2 लाभार्थी शामिल हैं।
15 मार्च 2025 तक सामाजिक सुरक्षा पेंशन स्वीकृति के 27,324 आवेदन लंबित हैं। इनमें वृद्धावस्था पेंशन के सबसे अधिक 19,824 मामले लंबित हैं। इसके अलावा विधवा, परित्यक्ता और एकल नारी पेंशन के 4,291 तथा दिव्यांग राहत भत्ते के 2,202 मामले लंबित हैं।
मंत्री ने बताया कि पेंशन लाभार्थियों को घर-घर पेंशन देने की कोई योजना नहीं है। सभी लाभार्थियों को डीबीटी के माध्यम से उनके बैंक खातों में पेंशन दी जा रही है। उन्होंने कहा कि लंबित मामलों का निपटारा चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा।
सरकाघाट डिपो के 10 बस रूट अस्थायी रूप से बंद
विधायक दलीप ठाकुर के सवाल के लिखित जवाब में उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने बताया कि एचआरटीसी के सरकाघाट डिपो में कुल 91 बस रूट स्वीकृत हैं। इनमें से 10 रूट संसाधनों और यात्रियों की कमी के कारण अस्थायी रूप से बंद किए गए हैं।
इनमें सरकाघाट से चौकी, बैरी ब्रांग, रिवालसर (वाया चंदेश), मढ़ी (वाया बल्याणा), अन्सवाई, चंडीगढ़, जाहू (वाया हरि वैहना), गोपालपुर (वाया मतेहड़) और पालमपुर के रूट शामिल हैं। इन रूटों को दोबारा शुरू करना संसाधनों और यात्रियों की उपलब्धता पर निर्भर करेगा।
सरकारी स्कूलों में जेबीटी, टीजीटी और प्रवक्ताओं के पद सरप्लस
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने पांवटा साहिब के विधायक सुखराम चौधरी के सवाल के लिखित जवाब में बताया कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में जेबीटी के 273, टीजीटी के 683 और प्रवक्ता (नई व्यवस्था) के 107 पद सरप्लस हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षकों का युक्तिकरण एक सतत प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य स्कूलों में जरूरत के अनुसार शिक्षकों का संतुलित वितरण सुनिश्चित करना है।
वोकेशनल शिक्षकों को कंपनियों के अधीन ही रखा जाएगा
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने इंद्रदत्त लखनपाल के सवाल के लिखित जवाब में बताया कि प्रदेश के राजकीय विद्यालयों में कार्यरत वोकेशनल शिक्षकों को फिलहाल निजी कंपनियों और सर्विस प्रोवाइडर एजेंसियों के माध्यम से रखा गया है। सरकार की भविष्य में भी इन्हें कंपनियों के अधीन ही रखने की योजना है। सरकार का इन्हें सीधे शिक्षा विभाग के माध्यम से वेतन देने का फिलहाल कोई विचार नहीं है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा
