
देहरादून, 25 मार्च (हि.स.)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने परेड ग्राउंड में तीन दिवसीय राज्य जनजातीय महोत्सव-2026 का शुभारम्भ करते हुए जनजातीय समाज के समग्र विकास के प्रति केंद्र और राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज राष्ट्र निर्माण का सशक्त आधार है और उसकी सांस्कृतिक विरासत देश की अमूल्य धरोहर है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने थारू लोक गायिका स्व. रिंकू देवी राणा तथा दर्शन लाल को ‘आदि गौरव सम्मान’ से सम्मानित किया। साथ ही समाज कल्याण विभाग की विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत 14,272.185 लाख रुपये की पेंशन ‘वन क्लिक’ के माध्यम से लाभार्थियों के खातों में हस्तांतरित की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह महोत्सव जनजातीय समाज की जीवंत परंपराओं, सादगीपूर्ण जीवन शैली और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर जीवन जीते हुए सतत विकास और सहअस्तित्व का संदेश देता है तथा सीमांत क्षेत्रों में रहकर राष्ट्रीय सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक समरसता में महत्वपूर्ण योगदान निभाता है।
उन्होंने जनजातीय परंपराओं, पारंपरिक ज्ञान और स्थानीय उत्पादों के संरक्षण और उन्हें नई पीढ़ी तक पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनजातीय समाज के सम्मान और विकास के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनमें एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय, प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान और वन धन योजना प्रमुख हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को ‘जनजातीय गौरव दिवस’ के रूप में मनाया जाना ऐतिहासिक निर्णय है, जिससे जनजातीय समाज को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन होना जनजातीय समाज की बढ़ती भागीदारी का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में 128 जनजातीय गांवों के समग्र विकास के लिए कार्य किया जा रहा है तथा शिक्षा, रोजगार और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित हैं। कालसी, मेहरावना, बाजपुर और खटीमा में एकलव्य विद्यालय संचालित हैं, जबकि चकराता और बाजपुर में नए विद्यालय निर्माणाधीन हैं।
उन्होंने कहा कि जनजातीय युवाओं के लिए देहरादून में ‘आदि लक्ष्य संस्थान’ स्थापित किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त आईटीआई संस्थान, निःशुल्क कोचिंग, छात्रवृत्ति एवं अन्य योजनाओं के माध्यम से युवाओं को सशक्त बनाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि समाज कल्याण विभाग द्वारा 9 लाख से अधिक लाभार्थियों को मार्च माह की पेंशन के रूप में 142 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि जारी की गई है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय समाज की सांस्कृतिक अस्मिता की रक्षा करते हुए उनके सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है और जनसहभागिता से उत्तराखंड को अग्रणी राज्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
राज्य जनजातीय शोध संस्थान, उत्तराखंड द्वारा आयोजित इस महोत्सव में देश के 12 राज्यों के जनजातीय प्रतिनिधियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से आयोजन को राष्ट्रीय स्वरूप प्रदान किया।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री खजान दास, विधायक सविता कपूर सहित विभिन्न अधिकारी, जनजातीय प्रतिनिधिमंडल एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय
