नई दिल्ली, 30 मार्च (हि.स.)। दिल्ली विधानसभा और युवा मामले एवं खेल मंत्रालय (मेरा युवा भारत, दिल्ली) के संयुक्त तत्वावधान में आज दिल्ली विधानसभा परिसर में राज्य स्तरीय ‘विकसित भारत’ युवा संसद का आयोजन किया गया। इस अवसर पर दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की।

प्रतियोगिता में निर्णायक मंडल (जजों) के रूप में विधानसभा सदस्य डॉ. अनिल गोयल, पूनम भारद्वाज, तिलक राज गुप्ता और संजय गोयल उपस्थित रहे। कार्यक्रम में युवा मामले एवं खेल मंत्रालय दिल्ली की राज्य निदेशक पूनम शर्मा और सहायक निदेशक रमेश सोनी भी उपस्थित रहे।
इस राज्य स्तरीय युवा संसद में दिल्ली के विभिन्न जिलों से चुनकर आए 50 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इन प्रतिभागियों का चयन जिला स्तरीय युवा संसदों के माध्यम से किया गया था। इस प्रतियोगिता में पहला स्थान अभिनव बोरगोहेन, द्वितीय स्थान सुजल शर्मा और तृतीय स्थान रिया पांडे ने हासिल किया।
सहभागियों को संबोधित करते हुए विजेंद्र गुप्ता ने कहा, भारत सरकार के युवा मामले एवं खेल मंत्रालय द्वारा दिल्ली विधानसभा के सहयोग से आयोजित यह युवा संसद नेतृत्व कौशल, नागरिक भागीदारी और लोकतांत्रिक प्रक्रिया की गहरी समझ को बढ़ावा देती है। इसका मुख्य उद्देश्य प्रधानमंत्री के उस विजन को साकार करना है, जिसमें भारतीय राजनीति में 1,00,000 ऐसे नए युवा नेताओं को लाने का लक्ष्य है जिनका कोई राजनीतिक बैकग्राउंड न हो।
गुप्ता ने इस बात पर जोर दिया कि ‘विकसित भारत @2047’ की यात्रा युवाओं के विचारों, उनके कठिन परिश्रम और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति उनकी निष्ठा पर टिकी है। उन्होंने गर्व से कहा कि भारत अब केवल एक उभरती हुई अर्थव्यवस्था नहीं है, बल्कि विश्व पटल पर एक ‘ग्लोबल सॉल्यूशन प्रदाता’ के रूप में उभरा है।
विधानसभा अध्यक्ष ने युवा संसद को लोकतंत्र का एक जीवंत अभ्यास बताया, जो छात्रों को नीति-निर्धारण और असहमति के बीच सहमति खोजने की कला सिखाता है। उन्होंने प्रतिभागियों से एक सजग नागरिक बनने का आह्वान करते हुए कहा कि वे केवल समस्याओं को न गिनाएं, बल्कि उनके समाधान का रोडमैप भी पेश करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र की असली ताकत आवाज के शोर में नहीं, बल्कि तथ्यों के वजन में होती है।
विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि नेतृत्व और राजनीति समाज के अंतिम व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का सबसे सशक्त माध्यम है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के लिए शुभकामनाएं दीं और उन्हें हार-जीत के भाव से ऊपर उठकर सीखने की प्रक्रिया पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रेरित किया।
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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव
