कानपुर, 01 अप्रैल (हि.स.)। किडनी रैकेट जैसे अमानवीय कृत्य से पूरी मानवता का विश्वास हिल गया है, और बिना मानकों पर चल रहे निजी अस्पताल आम लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं। पकड़े गए आरोपितों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई हो। यह बातें बुधवार को कानपुर महानगर कांग्रेस अध्यक्ष पवन गुप्ता ने कही।

कानपुर में हाल ही में उजागर हुए किडनी रैकेट मामले ने शहर की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस प्रकरण को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी क्रम में आज कानपुर महानगर कांग्रेस के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने एक प्रतिनिधिमंडल के रूप में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय पहुंचकर अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज कराई। प्रतिनिधि मंडल का नेतृत्व महानगर अध्यक्ष पवन गुप्ता ने किया, जहां उन्होंने पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठाई।
पवन गुप्ता ने इस घटना को न केवल कानून व्यवस्था की विफलता बताया, बल्कि स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर संदेह व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि शहर में कई निजी अस्पताल और नर्सिंग होम बिना मानकों के संचालित हो रहे हैं, जहां मरीजों की मजबूरी का फायदा उठाकर आर्थिक और शारीरिक शोषण किया जा रहा है। हाल ही में बिठूर में एक बच्ची की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का जिक्र करते हुए उन्होंने इसे व्यवस्था की बड़ी लापरवाही करार दिया।
प्रतिनिधिमंडल ने दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी, संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई, निजी अस्पतालों की व्यापक जांच, पीड़ितों को मुआवजा और सरकारी अस्पतालों के बाहर सक्रिय दलालों पर रोक लगाने जैसी मांगें भी रखीं। साथ ही चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो कांग्रेस पार्टी जनहित में आंदोलन के लिए बाध्य होगी।
मांगपत्र सौंपने वालों में पवन गुप्ता, मानेश दीक्षित, प्रतिभा अटल पाल, रितेश यादव, सैमुअल लकी सिंह, हरीश बाजपेई, पदम मोहन मिश्रा, अजय श्रीवास्तव, आनंद शुक्ला, आसिफ इक़बाल, राकेश साहू, इस्लाम सिद्दीकी, जितेंद्र गिरी, धर्मेंद्र सिंह, विनोद अवस्थी, रवि सक्सेना आदि थे।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप
