इटानगर, 04 अप्रैल (हि.स.)। अरूणाचल प्रदेश की राजधानी इटानगर के रामकृष्ण मिशन स्कूल ऑफ नर्सिंग ने आज इटानगर के आरके मिशन सेमिनार हॉल में अपना 39वां दीक्षांत समारोह मनाया।

मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री बियुराम वाहगे ने अरुणाचल प्रदेश के लोगों को पिछले कई दशकों से विशेषकर इटानगर अस्पताल में दी जा रही स्वास्थ्य सेवाओं के लिए आरकेएम प्रशासन की सराहना की और जिलों में भी अपनी सेवाएं बढ़ाने का आग्रह किया। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार आरकेएम को हर संभव सहायता देने के लिए तत्पर है।
अरुणाचल प्रदेश के लोगों के साथ-साथ इटानगर आरकेएम अस्पताल असम के लोगों को भी स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहा है।
स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ आरकेएम मानव संसाधन भी तैयार करता है, जिससे हमारे राज्य के छात्रों को लाभ होता है। उन्होंने नर्सिंग छात्रों को सलाह दी कि नर्सिंग पेशे को चुनने के बाद वे अपने धैर्य का स्तर बढ़ाएं, क्योंकि डॉक्टर और नर्स का पेशा आसान नहीं होता है। जब वे मरीजों को अच्छी सेवाएं प्रदान करते हैं, तो लोग उनकी सिफारिश करते हैं।
डॉक्टरों और नर्सों को अपने नाम का बैज पहनना चाहिए ताकि लोग उन्हें पहचान सकें और उनकी सिफारिश कर सकें।
इसके अलावा उन्होंने सभी नर्सों को सलाह दी कि वे पूरी ईमानदारी से मरीजों की सेवा करें और मुस्कुराते हुए उनकी देखभाल करें। इस अवसर पर सहायक अतिथि के रूप में उत्तराखंड हरिद्वार के कंखल स्थित रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम के सचिव स्वामी दयामूर्तिनंद और आईएमसी पार्षद तेची मेमा विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित थीं।
अतिथियों ने शैक्षणिक प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्रों को नकद पुरस्कार और प्रमाण पत्र भी वितरित किए। हर साल की तरह इस वर्ष भी आरकेएम नर्सिंग स्कूल प्रशासन द्वारा 20 नर्सिंग छात्रों को स्नातक की उपाधि प्रदान की गई।
हिन्दुस्थान समाचार / तागू निन्गी
