राजसमंद, 4 अप्रैल (हि.स.)। नाथद्वारा शहर में प्राचीन जल स्रोतों के संरक्षण और स्वच्छता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बावड़ियों को प्लास्टिक मुक्त बनाने की पहल शुरू की गई है। श्रीनाथजी मंदिर के तिलकायत की प्रेरणा और नगर पालिका प्रशासन के सहयोग से शहर में जलाशयों की सफाई और प्लास्टिक मुक्त वातावरण के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में शनिवार को प्राचीन औरतों का झरना बावड़ी पर स्वच्छता अभियान आयोजित किया गया।

यह अभियान नगर में चल रहे प्लास्टिक मुक्त एवं जलाशय संरक्षण अभियान के तीसरे फॉलोअप का हिस्सा था। अभियान के दौरान श्रीनाथजी मंदिर की नागरिक सुविधा एवं सहयोग समिति के सदस्य, नगर पालिका अधिकारी, कर्मचारी और जल संरक्षण से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मिलकर श्रमदान किया। सभी ने मिलकर बावड़ी में जमा प्लास्टिक कचरा, फूल-मालाएं और अन्य अपशिष्ट सामग्री बाहर निकालकर जलाशय को साफ किया।
सफाई अभियान के दौरान बड़ी मात्रा में प्लास्टिक और अन्य कचरा बावड़ी से निकाला गया। अभियान में शामिल लोगों ने कहा कि प्राचीन बावड़ियां हमारी सांस्कृतिक और जल संरक्षण की महत्वपूर्ण धरोहर हैं, इसलिए उनका संरक्षण और स्वच्छता बनाए रखना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
नगर पालिका आयुक्त सौरभ कुमार जिंदल ने बताया कि यह अभियान जनसहभागिता के माध्यम से चलाया जा रहा है, ताकि लोगों में जल स्रोतों के प्रति जागरूकता बढ़े और उन्हें स्वच्छ रखने की भावना विकसित हो। उन्होंने नगरवासियों से अपील की कि वे फूल-मालाएं, प्लास्टिक और अन्य कचरा सार्वजनिक स्थानों या जलाशयों में न डालें। इसके बजाय पालिका द्वारा संचालित कचरा संग्रहण वाहन में ही कचरा डालें और शहर को स्वच्छ रखने में सहयोग करें।
इस अवसर पर डॉ. बी.एल. जाट, कोमल पालीवाल, प्रवीण सनाढ्य, बादल दवे, तन्मय पालीवाल सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता और पालिका कर्मचारी मौजूद रहे। अभियान के दौरान सभी ने भविष्य में भी इसी तरह जल स्रोतों की सफाई और संरक्षण के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया।
हिन्दुस्थान समाचार / सुनीता
