जयपुर, 05 अप्रैल (हि.स.)। ब्रह्मपुरी स्थित नहर के गणेश जी मंदिर से रविवार को भगवान परशुराम की मूर्ति ऑस्ट्रेलिया के लिए रवाना की गई। सर्व ब्राह्मण महासभा (ऑस्ट्रेलिया चैप्टर) की पहल पर यह मूर्ति वहां स्थापित की जाएगी। इस दौरान संत-महंतों की मौजूदगी में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मूर्ति को विदाई दी गई।

महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित सुरेश मिश्रा ने बताया कि इस कार्यक्रम के साथ ही परशुराम जयंती महोत्सव 2026 की औपचारिक शुरुआत भी की गई। आयोजन में 11 विद्वान ब्राह्मणों ने विधिवत पूजा संपन्न करवाई। संकष्टी चतुर्थी के अवसर पर मंदिर परिसर में विशेष महाआरती का आयोजन भी किया गया।
उन्होंने बताया कि करीब सवा दो फीट ऊंची इस मूर्ति को तैयार करने में लगभग एक माह का समय लगा। यह मूर्ति ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया प्रांत के क्रेगिबर्न स्थित काली माता मंदिर में स्थापित की जाएगी। महासभा द्वारा इस वर्ष विदेशों में करीब 10 स्थानों पर परशुराम जयंती महोत्सव आयोजित करने की तैयारी की जा रही है। संगठन का उद्देश्य भारतीय संस्कृति को वैश्विक स्तर पर स्थापित करना है और इसी दिशा में हर वर्ष विदेशों में भगवान परशुराम की मूर्तियां स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है।
प्रदेश अध्यक्ष दिनेश शर्मा ने बताया कि महोत्सव के तहत पूरे राजस्थान में एक माह तक विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें परशुराम गोष्ठी, संवाद,भगवा रैली और विद्वान सम्मान समारोह शामिल हैं। इस अवसर पर स्वामी बालमुकुंद आचार्य महाराज, घाट बालाजी के सुदर्शनाचार्य महाराज, मंदिर के महंत पंडित जय कुमार, गीता गायत्री मंदिर के पंडित राजकुमार चतुर्वेदी, काली माता मंदिर के महंत प्रेम नारायण तथा स्वाध्याय केंद्र के पंडित योगेश सहित कई संत-महात्मा मौजूद रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश
