हुगली, 05 अप्रैल (हि. स.)। जिले के खानाकुल थाना क्षेत्र के तातीशाल ग्राम पंचायत अंतर्गत मुंडेश्वरी नदी के कुरकुरी घाट पर रविवार को बालू खनन के खिलाफ ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि नदी के “संस्कार” (मरम्मत) के नाम पर अव्यवस्थित तरीके से बालू निकाला जा रहा है, जिससे पूरे गांव के लिए खतरा पैदा हो गया है।

ग्रामीणों के अनुसार, उदोना गांव चारों ओर से नदी से घिरा हुआ है और साल के अधिकांश समय लोगों को आवागमन के लिए बांस के पुल और नाव का सहारा लेना पड़ता है। उनका कहना है कि भारी संख्या में डंपर और लॉरियों के जरिए रोजाना बालू खनन किया जा रहा है, जिससे बांस के पुल के नीचे की जमीन खोखली हो रही है और कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
ग्रामीणों ने आशंका जताई कि अत्यधिक बालू खनन के कारण बड़े-बड़े गड्ढे बन रहे हैं, जिससे पुल के टूटने के साथ-साथ पूरा गांव धंस सकता है। उन्होंने तत्काल बालू खनन बंद करने और स्थायी (पक्का) पुल बनाने की मांग की।
विरोध के दौरान आक्रोशित ग्रामीणों ने बालू ले जाने वाले रास्ते पर आग जलाकर पथावरोध कर दिया। सूचना पाकर खानाकुल थाने से पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया।
पुलिस ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि उस क्षेत्र से बालू खनन बंद किया जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय
