
कानपुर, 05 अप्रैल (हि.स.)। डॉ. आंबेडकर के विचारों को जन-जन तक पहुंचाना ही सच्ची श्रद्धांजलि है। समाज में समानता और अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना जरूरी है। आने वाली पीढ़ी को उनके संघर्ष और योगदान से परिचित कराना होगा। जन्मोत्सव को व्यापक स्तर पर मनाकर एकजुटता का संदेश दिया जाएगा। यह बातें रविवार को पैंथर धनीराम बौद्ध, अध्यक्ष भारतीय दलित पैंथर ने कही।

भारतीय दलित पैंथर के तत्वावधान में डॉ. आंबेडकर जन्मोत्सव से पूर्व चेतना वाहन रैली का आयोजन किया गया। रैली डॉ. आंबेडकर प्रतिमा स्थल, कंपनी बाग नवाबगंज से शुरू होकर शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होते हुए नाना राव पार्क स्थित प्रतिमा पर समाप्त हुई। इस दौरान दोपहिया, तीन पहिया और चार पहिया वाहनों के साथ बड़ी संख्या में लोग शामिल रहे।
रैली में प्रतिभागियों ने पूरे मार्ग में नारे लगाए और डॉ. आंबेडकर के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का संदेश दिया। तिलक नगर, आर्य नगर, डीएवी चौराहा, स्वरूप नगर, मोतीझील, परेड और बड़ा चौराहा सहित कई इलाकों से होकर रैली निकली, जिससे शहर में जागरूकता का माहौल बना रहा।
रैली के समापन पर पैंथर धनीराम बौद्ध ने कहा कि 14 अप्रैल को डॉ. आंबेडकर का 135वां जन्मोत्सव मनाया जाएगा, जिसे बड़े उत्साह के साथ मनाने की तैयारी चल रही है। उन्होंने लोगों से अपील की कि इस दिन को सामाजिक एकता, अधिकारों की समझ और भाईचारे के संदेश के साथ मनाएं।
वरिष्ठ समाजसेवी मो. सफीक ने कहा कि डॉ. आंबेडकर ने संविधान के माध्यम से देश को नई दिशा दी और समाज के हर वर्ग को समान अधिकार दिलाने का ऐतिहासिक कार्य किया। उन्होंने कहा कि आज भी समाज में बराबरी और न्याय की भावना को मजबूत करने के लिए उनके विचारों को अपनाना बेहद जरूरी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि आंबेडकर जयंती को सिर्फ एक औपचारिक कार्यक्रम न मानकर इसे सामाजिक जागरूकता और एकता के पर्व के रूप में मनाएं, जिससे समाज में सकारात्मक बदलाव आ सके और सभी वर्गों को समान अवसर मिल सके।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप
